नई दिल्ली: भारत द्वारा देश की ‘‘संप्रभुता और अखंडता को चोट पहुंचाने वाली ’’ गतिविधियों में लिप्त होने के कारण चीन से संबंध वाले 59 एप पर रोक लगाने के एक दिन बाद चीन ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की, और कहा कि भारत सरकार पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के ‘‘वैध और कानूनी अधिकारों’’ की रक्षा की जिम्मेदारी है.Also Read - IND vs WI: सीमित ओवरों की सीरीज से पहले Rohit Sharma फिट, Jasprit Bumrah को आराम

नरेंद्र मोदी सरकार ने चीन के 59 ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया. भारत के इस कदम पर चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने चेताया कि इस पाबंदी से भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को नुकसान होगा, साथ ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ेगा. भारत ने सोमवार को 59 एप पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें बेहद लोकप्रिय टिकटॉक और यूसी ब्राउजर भी शामिल हैं. Also Read - IMF ने 2022 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत किया, चीन 4.8%, यूएस 4% फीसदी पर रहेंगे

भारत के इस कदम से बौखलाए चीनी सरकारी मीडिया ने भारत पर न सिर्फ तंज बल्कि धमकी देना भी शुरू कर दिया है. चीन के प्रॉपगैंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भारत को आर्थिक जंग की धमकी दे डाली है और कहा है कि इसके परिणाम पहले से बदतर होंगे. Also Read - आजादी के 75 साल में पहली बार पाकिस्‍तान से तीर्थयात्र‍ी PIA की स्‍पेशल फ्लाइट से पहुंचेंगे भारत

ग्लोबल टाइम्स के संपादक हू शिजिन ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘अगर चीन के लोग भारत के प्रॉडक्ट्स बॉयकॉट करना भी चाहें तो उन्हें भारतीय प्रॉडक्ट्स मिलेंगे ही नहीं. भारतीय दोस्तों, आपको राष्ट्रवाद के अलावा ज्यादा अहम चीजों की भी जरूरत है.’ हालांकि, ग्लोबल टाइम्स का हमला सिर्फ तंज तक सीमित नहीं है. अलग-अलग लेखों में उसने भारत को इसके कारण होने वाले नुकसान गिनाए हैं.

अखबार ने लिखा कि ऐसे हालात में अगर भारत सरकार देश के राष्ट्रवाद को बढ़ावा देती है तो उसे डोकलाम से भी ज्यादा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. अखबार ने लिखा है, ‘हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार हालात की सच्चाई को समझेगी और मौजूदा संकट को भकड़कती आग में तब्दील होने से रोक लेगी.’