
Gargi Santosh
मेरा नाम गार्गी संतोष है. मुझे मीडिया क्षेत्र में काम करते हुए चार साल हो चुके हैं. इस समय मैं Zee Media के India.com में सब एडिटर के रूप में ... और पढ़ें
भारत सरकार ने बांग्लादेश से आने वाले रेडीमेड गारमेंट्स (RMG), प्लास्टिक, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और अन्य कुछ सामानों के आयात पर पाबंदी लगा दी है. यह फैसला खासतौर पर असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम और पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती चेकपोस्टों पर लागू किया गया है. आसान शब्दों में कहें तो अब बांग्लादेश इन पोर्ट्स के जरिए भारत को ये सामान नहीं भेज सकेगा. उन्हें कोलकाता या मुंबई जैसे समुद्री बंदरगाहों से निर्यात करना होगा, जिससे उनकी लॉजिस्टिक लागत काफी बढ़ जाएगी.
India imposed port restrictions on the import of certain goods, such as Readymade garments, processed food items etc, from Bangladesh to India. However, such said port restriction will not apply to Bangladesh goods transiting through India but destined for Nepal and Bhutan. pic.twitter.com/HK6uxlyHRg
— ANI (@ANI) May 17, 2025
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनुस ने चीन में एक भाषण के दौरान भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को ‘समुद्र तक पहुंच नहीं रखने वाला क्षेत्र’ बताया था. भारत ने इस टिप्पणी को न केवल अपमानजनक बल्कि रणनीतिक रूप से खतरनाक भी माना है. इससे कूटनीतिक रिश्तों में तनाव पैदा हो गया और भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ये प्रतिबंध लगाए हैं. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है.
बांग्लादेश से जिन उत्पादों पर रोक लगाई गई है, उनमें रेडीमेड गारमेंट्स, प्लास्टिक के उत्पाद, मेलामाइन, लकड़ी का फर्नीचर, कार्बोनेटेड पेय, फलों के स्वाद वाले ड्रिंक्स, बेकरी आइटम्स, कन्फेक्शनरी, कपास और कपास का कचरा शामिल हैं. हालांकि मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और क्रश्ड स्टोन जैसे उत्पाद इस प्रतिबंध से बाहर रखे गए हैं. भारत की इस नई पॉलिसी के मुताबिक अब केवल कोलकाता और न्हावा शेवा (मुंबई) बंदरगाह से ही इन सामानों का आयात संभव होगा. इससे बांग्लादेश के छोटे और मध्यम व्यापारियों को बड़ा झटका लग सकता है.
कुछ जानकारों का मानना है कि भारत ने यह कदम व्यापार में संतुलन और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए उठाया है. भारत का आरोप है कि बांग्लादेश भारतीय धागों के निर्यात पर बंदरगाह प्रतिबंध पहले ही लगा चुका था, जिससे भारतीय उत्पादकों को नुकसान हो रहा था. साथ ही, बांग्लादेश भारत के चावल के निर्यात पर भी रोक लगा चुका है. इन कदमों के जवाब में भारत ने भी बांग्लादेशी सामानों की आसान पहुंच को सीमित करने का फैसला लिया है. यह फैसला सिर्फ व्यापारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और कूटनीतिक जवाब भी है.
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