हैदराबाद: ‘भारत बायोटेक’ ने कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवैक्सीन’ के तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के लिए 26,000 प्रतिभागियों को शामिल करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए 23,000 प्रतिभागियों का सफलतापूर्वक पंजीकरण कर लिया है. इस टीके को ‘भारत बायोटेक’ भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)- भारतीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के साथ मिलकर विकसित कर रहा है.Also Read - Corona: Delhi Death Report में खुलासा, मरने वालों में 73 Per Cent ऐसे जिन्होंने नहीं लगवाया था एक भी टीका

टीका निर्माता ‘भारत बॉयोटेक’ ने शनिवार रात एक बयान में बताया कि कोवैक्सीन के तीसरे चरण का मानव पर क्लीनिकल परीक्षण नवंबर के मध्य में आरंभ हो गया था, जिसे 26,000 प्रतिभागियों पर किए जाने का लक्ष्य रख गया है. Also Read - Covid-19 Booster Dose: भारत बायोटेक का दावा Covaxin बूस्टर डोज़ Delta, Omicron दोनों Variant पर प्रभावी

उसने कहा कि यह भारत में किसी भी टीके लिए तीसरे चरण का अब तक का सबसे बड़ा परीक्षण है. ‘भारत बायोटेक’ की संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एल्ला ने प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका जोश देश और दुनिया का मनोबल बढ़ाता है. Also Read - मां के दूध के जरिये मिल रहा बच्‍चे को वैक्‍सीनेशन का लाभ, स्‍टडी ने किया ये दावा

उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत में 26,000 प्रतिभागियों पर तीसरे चरण का परीक्षण करने का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में सहयोग कर रहे सभी मुख्य जांचकर्ताओं, चिकित्सकों, चिकित्सा कर्मियों और अस्पतालों का शुक्रिया अदा करते हैं.’’ इस टीके के पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षणों में करीब 1,000 लोगों ने भाग लिया था.

भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे दी, जिससे व्यापक टीकाकरण अभियान का रास्ता साफ हो गया है.

केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) की अनुशंसा के आधार पर भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने यह मंजूरी प्रदान की है.

डीसीजीआई डॉ वी जी सोमानी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सीडीएससीओ ने पर्याप्त अध्ययन के बाद विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया है और तदनुसार मैसर्स सीरम और मैसर्स भारत बायोटेक के टीकों के आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए स्वीकृति प्रदान की जा रही है.’’