विपक्ष ने खोला मोर्चा, वोटर लिस्ट से लेकर केंद्र-राज्य संबंधों तक उठाए सवाल..., 'INDIA' का EC पर घेराबंदी का फैसला
दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की अहम बैठक में विपक्षी दलों ने कई मुद्दों पर साझा रणनीति बनाई. गठबंधन ने हर दो महीने में बैठक करने, चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई.
लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी राजनीति को नई दिशा देने की कोशिशों के बीच INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार (8 जून) को नई दिल्ली में आयोजित हुई. इस बैठक में देशभर के कई प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और आने वाले राजनीतिक एजेंडे को लेकर चर्चा की. बैठक का मकसद गठबंधन के अंदर समन्वय मजबूत करना और केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करना था.
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि गठबंधन में शामिल दलों ने नियमित संवाद बनाए रखने पर सहमति जताई है. इसी के तहत अब हर दो महीने में INDIA गठबंधन की बैठक आयोजित की जाएगी. अगली बैठक 8 अगस्त को प्रस्तावित है. विपक्षी नेताओं का मानना है कि लगातार संवाद से गठबंधन की एकजुटता मजबूत होगी और विभिन्न मुद्दों पर साझा रुख तय करने में आसानी होगी.
विपक्ष ने उठाए कई सवाल
बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलावा कई प्रमुख क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया, शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक न्याय और केंद्र-राज्य संबंधों जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की. सूत्रों के अनुसार, कई दलों ने चुनावी पारदर्शिता और वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों पर चिंता जताई.
बैठक के बाद क्या बोले खरगे?
बैठक के बाद खरगे ने कहा कि गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर भारत के चीफ जस्टिस को पत्र लिखने का फैसला किया है. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन पर न्यायिक स्तर पर ध्यान देने की जरूरत है.
शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी बैठक में प्रमुखता से उठाए गए. विपक्षी दलों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवादों का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग की. नेताओं का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए.
बैठक में शामिल दलों ने ये भी कहा कि संसद से लेकर सड़क तक जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा. बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, सामाजिक न्याय और राज्यों के अधिकार जैसे विषय विपक्ष के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे. कई नेताओं ने आरोप लगाया कि गैर-एनडीए शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जिस पर भी सामूहिक रूप से आवाज उठाई जाएगी.
बैठक के बाद खरगे ने कहा कि गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर भारत के चीफ जस्टिस को पत्र लिखने का फैसला किया है. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन पर न्यायिक स्तर पर ध्यान देने की जरूरत है.
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