उरी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत ने पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता तोडा जा सकता है। इस बारे में कल विदेश मंत्रालय ने इसके संकेत दिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने इस जल समझौते पर कहा कि किसी भी समझौते के दो देशों में आपसी भरोसा और सहयोग होना जरूरी है और ये एकतरफा नहीं हो सकता।
उरी हमले के बाद देश में शोक की लहर उठी है, जिसकी वजह से गुस्साए लोगों ने पीएम मोदी से पाकिस्तान के खिलाफ सक्त से सक्त कारवाई करने की मांग की है। इसी को लेकर स्वरूप ने कहा कि हमारा काम अपने आप बोलता है और हमारे एक्शन से नतीजे आने शुरू हो गए हैं। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में किसी भी देश ने कश्मीर के मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा, लेकिन नवाज शरीफ के भाषण के दौरान बस कश्मीर का राग आलापा है। यह भी पढ़े-उरी हमला: पाक पीएम शरीफ को आतंक फैलाने पर मिल रहा है करारा जवाब
बता दें कि नवाज़ शरीफ ने अपने भाषण में कहा था कश्मीर में भारतीय सेना की ओर से किये रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर संयुक्त राष्ट्र को एक डोजियर सौपेंगे और कश्मीर हिंसा की जांच कराने की मांग करेंगे। इसपर भारत की ओर से तीखा जवाब देते हुए स्वरुप ने कहा कि हमें यूएन महासचिव के बयान में इसका कोई जिक्र नहीं मिला, बल्कि उन्होंने कहा कि हमें डोजियर देने की जरूरत नहीं है, पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
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