बरेली: पांच वरिष्ठ मौलवियों के नेतृत्व वाले एक धार्मिक और सामाजिक संगठन ऑल इंडिया तन्जीम उलमा-ए-इस्लाम द्वारा देश में चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए एक फतवा जारी किया गया है. मौलवियों ने कहा कि समुदाय के सदस्यों को इस घड़ी में सेना और सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए.Also Read - Indian Army, असम राइफल्स के पांच जवान मरणोप्रांत और एक सेवारत जवान शौर्य चक्र से सम्मानित

भारत और चीन के बीच में हुए हिंसक झड़प पर चिंता व्यक्त करते हुए ऑल इंडिया तन्जीम उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी ने कहा, “बरेली के रहने वाले एक शख्स द्वारा पोस्ट किए गए एक जिज्ञासा पर चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए यह फतवा जारी किया गया है. फतवे में मौलवियों ने भारतीय भूमि पर अतिक्रमण करने और हमारे वीर जवानों को मारने के लिए चीन के साजिशों की निंदा की है.” Also Read - IMF ने 2022 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत किया, चीन 4.8%, यूएस 4% फीसदी पर रहेंगे

पांच मौलवियों के इस पैनल में ऑल इंडिया तन्जीम उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती अशफाक हुसैन कादरी, मुफ्ती इकबाल अहमद मिस्बाही, मुफ्ती तौकीर अहमद काजरी, मुफ्ती हाशिम रजा खान और कारी सगीर अहमद रिजवी शामिल हैं. गौरतलब है कि गलवान वैली में हिंसक झड़प में हुए 20 जवानों की शहादत के कारण देश में बॉयकॉट चाइन की मांग लगातार की जा रही है. बता दें कि इस हिंसक झड़प में चीन के भी कई जवान मारे गए हैं. वहीं कुल मिलाकर मृतकों और घायलों की संख्या 43 बताई जा रही है. Also Read - Republic Day 2022: टाइमिंग से लेकर मोटरसाइकिल के हैरतअंगेज फॉर्मेशन तक, जानें इस बार की परेड में क्या कुछ होगा खास