नई दिल्ली: भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच चले 9 राउंड की बातचीत के बाद चीनी सेना पीछे हट चुकी है और सारे सामान और आर्टिलेरी को हटा लिया गया है. ऐसे में सनिवार को एक और दौर की उच्च स्तरीय वार्ता की जाएगी. इस वार्ता का मकसद पूर्वी लद्दाख स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग में भी चीन के सैनिकों को पीछे हटाना है. खबरों के मुताबिक भारतीय सेना इस बैठक में फिंगर इलाके में पहले की तरह गश्त करने को लेकर जोर देगी. बता दें कि यह बैठक मोल्डो में सुबह 10 बजे शुरू होगी.Also Read - Republic Day 2022: टाइमिंग से लेकर मोटरसाइकिल के हैरतअंगेज फॉर्मेशन तक, जानें इस बार की परेड में क्या कुछ होगा खास

खबरों के मुताबिक चीनी सेनाएं पैंगोंग क्षेत्र, रेजांग ला और रेचिन ला से पीछे हट चुकी है. समझौते के आधार पर भारत ने भी अपनी सेनाओं को पीछे हटा लिया है. बता दें कि दोनों देशों के बीछ पैंगोंग लेक इलाके को खाली करने के 48 घंटे के भीतर सैन्य कमांडर स्तर की बैठक पर सहमति बनी थी. Also Read - Indian Army Bharti 2022: भारतीय सेना के इस रेजिमेंट में निकली भर्ती, 10वीं और 12वीं पास करें आवेदन

कौन करेगा नेतृत्व Also Read - Miram Taron: अरुणाचल से किडनैप लड़के को वापस करेगी PLA, भारतीय सेना ने दी जानकारी

बता दें कि इस आज 10 बजे होने वाली बैठक का नेतृत्व भारतीय सेना की तरफ से लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन (Lt Gen PG K Menon) करेंगे. मेनन लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर हैं. वहीं अगर चीनी प्रतिनिधित्व की बात करें तो चीन की तरफ से नेतृत्व मेजर जनरल लिउ लिन करने वाले हैं. बता दें कि 9वें राउंड की बैठक के बाद चीनी सैनिक पीछे हटने को राजी हो गए हैं. ऐसे में दोनों देश चरणबद्ध तरीके से सैनिकों को पीछे हटा रहे हैं.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा संसद में दिए गए बयान के मुताबिक भारत और चीन के बीच पैंगोंग झील क्षेत्र से सैनिकों को चरणबद्ध तरीके से हटाने को लेकर समझौता हआ है. समझौते के तहत चीन अपनी सेना को फिंगर 8 की पूर्व दिशा की ओर लेकर जाएगा. वहीं भारतीय सेना फिंगर 3 के पास स्थायी शिविर धन सिंह थापा पोस्ट पर रहेगी.