India china border dispute: पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच हुए हिंसक संघर्ष में 20 से अधिक भारतीय सैनिकों के शहीद होने से देश में हड़कंप मचा हुआ है. इसको लेकर देश में आक्रोश का भी माहौल है. इस मुद्दे पर मंगलवार को दिन भर चली गहमा-गहमी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को एक बार फिर तीनों सेना से प्रमुखों और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के साथ एक अहम बैठक कर रहे हैं. Also Read - India-China Border Fight Live Update: रक्षा मंत्री का दौरा स्थगित होने के बाद आज CDS जनरल रावत जा रहे हैं लेह

इस बीच ऐसी रिपोर्ट आ रही है कि इस संघर्ष में चीन की सेना को भी भारी नुकसान हुआ है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर की भी इस संघर्ष में मौत हो गई है.

इस टकराव में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए. पिछले पांच दशक से भी ज्यादा समय में सबसे बड़े सैन्य टकराव के कारण क्षेत्र में सीमा पर पहले से जारी गतिरोध और भड़क गया है.

सेना ने शुरू में मंगलवार को कहा कि एक अधिकारी और दो सैनिक शहीद हुए. लेकिन, देर शाम बयान में कहा गया कि 17 अन्य सैनिक जो अत्यधिक ऊंचाई पर शून्य से नीचे तापमान में गतिरोध के स्थान पर ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उन्होंने दम तोड़ दिया है. इससे शहीद हुए सैनिकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है.

सरकारी सूत्रों ने कहा है कि चीनी पक्ष के सैनिक भी उसी अनुपात में हताहत हुए हैं.

वर्ष 1967 में नाथू ला में झड़प के बाद दोनों सेनाओं के बीच यह सबसे बड़ा टकराव है. उस वक्त टकराव में भारत के 80 सैनिक शहीद हुए थे और 300 से ज्यादा चीनी सैन्यकर्मी मारे गए थे. इस क्षेत्र में दोनों तरफ नुकसान ऐसे वक्त हुआ है जब सरकार का ध्यान कोविड-19 संकट से निपटने पर लगा हुआ है.