India China Stand-off: कई दौर की राजनीतिक और सैन्य वार्ता के बाद भी भारत और चीन के बीच सीमा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. गलवान घाटी झड़प के बाद से उत्पन्न हालात दिन पर दिन खराब होत जा रहे हैं. चीन लगातार सीमा पर सैनिको की संख्या में इजाफा कर रहा है. इसे देखते हुए भारत ने चीन की हर चाल को नाकाम बनाने के लिए लदाख में T-90 और T-72 विध्वंसक टैंकों की तैनाती कर दी है.Also Read - World News: राष्ट्रपति रहते पहली बार Tibet पहुंचे Xi Jinping, अधिकारियों ने ड्रोन और पतंग उड़ाने पर लगाया बैन

सर्दियां आने वाली हैं और माना जा रहा है चीन सर्दियों में कुछ न कुछ हरकत जरूर करेगा और इसी की वजह से वह अभी तो बात कर रहा है लेकिन दूसरी तरफ सैनिकों को एलएसी पर तैनात कर रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने पूर्वी लद्दाख में चीन को मात देने के लिए T-90 और T-72 के साथ साथ इंफेंट्री कॉम्बेक्ट वार ह्वीकल्स को सीमा पर तैनात कर दिया है. Also Read - सेना प्रमुख जनरल MM नरवणे बोले- पैंगोंग क्षेत्र में फरवरी के बाद से LAC पर स्थिति सामान्य

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भारत ने सर्दियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है. इन टैंकों की खासियत यह है कि यह माइनस 50 डिग्री के तापमान में भी किसी टार्गेट को नष्ट कर सकते हैं. मेजर जनरल अरविंद कपूर ने बातचीत में बताया कि ऐसे दुर्गम इलाकों में किसी भी ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए हमारी पर्याप्त तैयारियां हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में काफी ठंड होने वाली है और इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना ने अपने आप को पूरी तरह से तैयार कर लिया है.

मेजर जनरल ने कहा कि टैंक्स, इन्फैन्टरी कॉम्बैट व्हीकल्स सहित दूसरे भारी गनों की तैनाती ऐसी जगहों पर एक चुनौती भरा काम है लेकिन भारतीय सेना ने इसे सफलता पूर्वक किया है. उन्होंने बताय कि टी-19 टैंक में तीन तरह के तेल का प्रयोग होता है ताकि ठंड के दिनों में किसी तरह की कोई समस्या न आए.

आपको बता दें कि भारत सरकार चीन से लगातार सीमा पर अप्रैल से पहले वाली स्थिति को बनाने के लिए कह रही है लेकिन चीन अपनी सेना को पीछे करने के मूड में नहीं दिख रहा है. इसी को ध्यान में रखकर भारत हर मोर्चें पर ड्रैगन को उसकी भाषा में जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गया है.