नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद (India-China Border Tension) को कम करने के लिए दोनों ही देश सैन्य और राजनीतिक स्तर पर बात करके इसे कम करने की कोशिश कर रहे हैं. इस बीच एक बड़ी खबर आई है कि चीन ने गलवान घाटी (Galwan Valley) से अपने सैनिको को पीछे हटा लिया है और चीनी सैनिक अब अपने टेंट आदि को भी वहां से हटा रहे हैं. चीन सरकार द्वारा यह कदम तब उठाया गया जब एक दिन पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (NSA Ajit Doval) ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी. Also Read - पाकिस्तान ने जारी किया नया नक्शा, कश्मीर सहित भारत के इन क्षेत्रों को बताया अपना

अजीत डोभाल ने रविवार को वांग यी से वीडियो कॉल के जरिए बात की थी और अब चीनी सेना ने पीछे हटने का निर्णय लिया. कूटनीतिक रूप से यह भारत की एक बड़ी जीत है. समाचार एजेंसी के मुताबिक दोनों ही देशों के बीच एलएसी पर शांति स्थापित करने और भविष्य में इस तरह की घटनाए न हो इस पर बात हुई. Also Read - नेपाल को UN से मिला बड़ा झटका, विवादास्पद मानचित्र को मान्यता देने से किया इनकार!

अजित डोवाल और वांग यी के बीच हुई बात का असर अब सीमा पर साफ तौर पर दिखने लगा है. चीन ने गलवान घाटी से करीब 1 से 2 किमी तक अपने सैनिको को पीछे हटा लिया है. सीमा में तनाव के बीच अजीत डोभाल और वांग यी  के बीच दो घंटे तक की लंबी बातचीत चली.

बता दें कि एनएसए अजीत डोभाल इस पूरे मामले में पहले से ही नजर बनाए हुए हैं. यह भी कहा  जा रहा है कि पीएम मोदी ने जो अचानक लद्दाख के दौरे का निर्णय लिया वह भी अजीत डोभाल की रणनीति का ही हिस्सा था.

समाचार एजेंसी एनएनआई के मुताबिक चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिजियान के बयान के अनुसार दोनों ही देश 30 जून को हुई कमांडर स्तर की बातचीत के बाद अपनी अपनी सीमा में सैनिकों को पीछे करने और सैनिकों की संख्या को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं.