नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद से ही भारत सरकार द्वारा चुन चुनकर चीन की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. इस बीच भारत सरकार ने एक नया कदम उठाया है. सरकार ने चीन से आने वाले सामानों पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया है. इसमें कुल 20 सामानों की लिस्ट तैयार की गई है. इसमें लैपटॉप, कपड़े और कैमरा इत्यादि भी शामिल हैं. वहीं एल्यूमुनियम के सामानों का आयात अब लाइसेंस प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा.Also Read - सब्जियों की महंगाई बीच केंद्र सरकार बोली, प्याज की कीमतों में स्थिरता, आलू-टमाटर में नरमी लाने की कोशिश जारी

हालांकि व्यापार मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक यह ड्यूटी/टैक्स चीन के खिलाफ नहीं बल्कि पूरी तरह से लागू किया गया है. यह नियम सबपर लागू होगा. हालांकि इसका मकसद चीन से आने वाले बड़ी संख्या में सामानों पर नजर रखना है. बता दें कि बीते कुछ ही महीनों में सरकार द्वारा चीन को आर्थिक मोर्चे पर कई तरह से चोट दी गई है. Also Read - HP Chromebook 11a: बच्चों की ऑनलाइन एजुकेशन के लिए HP ने लॉन्च किया शानदार लैपटॉप, जानें दाम और खासियत

बीते कुछ दिनों में भारत सरकार द्वारा चीनी मोबाइल ऐप्स को भी बैन किया जा चुका है. यही नहीं चीन के व्यापार को भी लगातार कई तरीके से घाटा हो रहा है. हालांकि उपरी तौर पर अधिकारी इस बात को नहीं मान रहे कि वे जानबूझकर चीन के व्यापार को घाटा पहुंचा रहे हैं, लेकिन व्यापारियों की मानें तो पहले सामानों को बंदरगाहों से आसानी से ले जाने की अनुमित मिल जाती थी, लेकिन अब वे सामान बंदरगाहों पर ही रुके हुए हैं. Also Read - Best Nikon Cameras to Buy in 2021 Price and Features: फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के शौकीन इस साल खरीदें निकॉन के ये 6 DSLR कैमरे, जानें भारत में इनकी कीमत और सभी फीचर्स

यही नहीं सरकार ने रेलवे के टेंडरों में से भी चीनी कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. बीते कुछ महीने में भारत और चीन के बीच व्यापार में काफी गिरावट आई है. इस कारण भारत का व्यापार घाटा भी कम हुआ है. इसी कड़ी में भारत सरकार द्वारा 20 आइटमों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के कारण बाजार में इनके दामों में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है.