नई दिल्ली: चीन (China) भारतीय सैनिकों (Indian Troops) के साथ नित नई चालबाजियां कर रहा है. वो अपनी चालबाजी से किसी तरह से भारतीय सैनिकों को परेशान करने की कोशिश में लगा है. इसके लिए उसने एक नई चाल चली है वह LAC पर भारतीय सैनिकों का ध्यान भटकाने के लिए अब पंजाबी गानों का सहारा ले रहा है. चीन ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील (Pangong Lake) के फिंगर-4 क्षेत्र (Finger 4 area) में कई लाउडस्पीकर लगाए हैं और उन पर लगातार पंजाबी गाने (Punjabi songs) बजा रहा है. Also Read - लद्दाख में भारतीय सेना का कारनामा, 6 नई चोटियों पर किया कब्जा, चीन की हालत पस्त

भारतीय सैनिकों का ध्यान भंग करने की कोशिश कर रहा चीन Also Read - चीन के उकसावे का जवाब! लद्दाख में उड़ान भरेंगे भारत के राफेल लड़ाकू विमान

चीन ने यह कदम भारतीय सेना की मुस्तैदी को देखते हुए उठाया है, ताकि सैनिकों का ध्यान भंग किया जा सके. भारतीय सेना फिंगर-4 के नजदीक ऊंची पहाड़ियों से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है. सूत्रों के मुताबिक, चीनी सेना ने जिस पोस्ट पर लाउडस्पीकर लगाए हैं, वह भारतीय सैनिकों की निगरानी में है. Also Read - लद्दाख सीमा विवाद: ‘चाइना स्टडी ग्रुप’ की करीब 90 मिनट तक चली बैठक, रक्षा मंत्री से लेकर सेना प्रमुखों ने की तैयारियों की समीक्षा

केंद्रीय रक्षामंत्री ने कही थी ये बात….

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Union Defence Minister Rajnath Singh) ने 15 सितंबर को संसद में बताया था कि चीन ने लद्दाख में लगभग 38,000 वर्ग किमी भूमि पर अनधिकृत कब्जा किया हुआ है, जो द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है. रक्षामंत्री ने यह भी कहा था कि 1963 में एक तथाकथित सीमा-समझौते के तहत, पाकिस्तान ने पीओके की 5,180 वर्ग किमी भारतीय भूमि चीन को सौंप दी थी.

चीन ने एलएसी पर गोला-बारूद जुटाया है
राजनाथ सिंह ने बताया था कि चीन ने LAC और आंतरिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अपने सैनिकों की तैनाती की है और इसके साथ ही काफी संख्या में गोला-बारूद जुटाए हैं. पूर्वी लद्दाख और गोगरा, कोंगका ला और पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण क्षेत्रों में तनाव बढ़ा है. भारत शांतिपूर्ण तरीके से सीमा विवाद को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है.

रक्षामंत्री ने कहा था कि इस उद्देश्य के तहत 4 सितंबर को मॉस्को में चीनी रक्षामंत्री से मुलाकात हुई थी. इस दौरान हमने स्पष्ट किया था कि बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों की तैनाती, आक्रामक व्यवहार और एकतरफा यथास्थिति बदलने का प्रयास द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है.

चीन अपनी कारस्तानियों से बाज नहीं आ रहा है
बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को हल करने के लिए कई प्रयास हो चुके हैं. रक्षा मंत्रियों की बैठक के साथ ही दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने भी रूस में मुलाकात की थी. इस दौरान 5-सूत्रीय एजेंडे पर सहमति बनी थी. हालांकि, ये बात अलग है कि चीन लगातार उकसावे की कार्रवाई करता आ रहा है. हाल ही में सरकारी अखबार के संपादक द्वारा भारत को धमकी भी दी गई थी.