नई दिल्ली। भारत और चीन के रिश्तों में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. चीन के लोक सुरक्षा मंत्री की आगामी यात्रा के दौरान पहली बार भारत और चीन द्विपक्षीय संबंधों में नई शुरुआत करते हुए एक आंतरिक सुरक्षा सहयोग समझौते पर दस्तखत करेंगे. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. पिछले साल डोकलाम को लेकर दोनों देशों के बीच जबरदस्त तनाव के मद्देनजर इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.Also Read - Infantry Day: 1947 में जब पाकिस्तानियों को खदेड़ने के लिए कश्मीर में उतरी थी भारतीय सेना, देखें आर्काइव तस्वीरें

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चीन के लोक सुरक्षा मंत्री झाओ केझी के अगले महीने भारत यात्रा पर आने और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करने की उम्मीद है. इस दौरान वे दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे.

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गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि चीनी नेता के दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच एक आंतरिक सुरक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किये जाएंगे. अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित करार में खुफिया जानकारी साझा करने, विनिमय कार्यक्रम, श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करना, आपदा में सहयोग समेत तमाम दूसरे मुद्दों को शामिल किया जाएगा.

डोकलाम में हुआ था गतिरोध 

यह कदम डोकलाम में भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच करीब दो महीने तक चले गतिरोध के करीब एक साल बाद उठाया गया है. इससे पहले इस साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता की थी जिससे द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में मदद मिली.

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बता दें कि पिछले साल डोकलाम को लेकर दोनों देश आमने सामने थे और 72 दिनों तक ऐसी ही स्थिति रही थी. चीन भूटान के हिस्से की जमीन पर निर्माण कर रहा था जिसका भारत ने विरोध किया था. इसे लेकर चीन ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया और हर स्तर पर भारत को धमकाने का काम किया. लेकिन भारत बिना झुके अपने स्टैंड पर कायम रहा और चीन के सामने साफ कर दिया कि वह पीछे हटने वाला नहीं है. आखिर में आपसी बातचीत के बाद ये मुद्दा सुलझ सका था. दोनों देशों की सेना डोकलाम से हट गईं.