चेन्नई: भारतीय तटरक्षक बल India Coast Guard के सातवें अपतटीय गश्ती पोत Offshore Patrol Vessel (OPV) ‘विग्रह’ Vigraha का यहां मंगलवार को औपचारिक तौर पर जलावतरण किया गया. रक्षा मंत्रालय ने 2015 में लार्सन एंड टुब्रो कंपनी को सात ऑफशोर पेट्रोलिंग वेसेल (ओपीवी) के निर्माण का ठेका दिया था, जिसमें से अंतिम पोत का आज जलावतरण किया गया. ओपीवी, हेलीकाप्टरों से लैस होते हैं और समुद्री सीमाओं में निगरानी करने के साथ तस्करी रोकने तथा समुद्री लुटेरों को पकड़ने में सहायक होते हैं. Also Read - 4500 किमी से अयोध्या में राममंदिर के लिए 613 किलो का घंटा पहुंचा, 8 KM तक गूंजेगी ध्वनि, देखें फोटोज

निजी क्षेत्र की किसी कंपनी ने पहली बार ओपीवी जैसे पोत की डिजाइन और निर्माण का काम किया है. विग्रह, 98 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा है. परीक्षण के कई चरणों से गुजरने के बाद इसे तटरक्षक बल में शामिल किया जा सकता है. Also Read - ब्रह्मोस मिसाइल का किया गया सफल परीक्षण, 400 किमी की है मारक क्षमता

यहां पास में स्थित कत्तुपल्ली बंदरगाह पर पोत के अनावरण समारोह में वित्त मंत्रालय में सचिव (व्यय) टी वी सोमनाथन, तटरक्षक बल के महानिदेशक के नटराजन और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. Also Read - इस राज्य में 31 अक्टूबर तक रहेगा लॉकडाउन, जानें क्या-क्या राहतें मिलेंगी

ऑफशोर पेट्रोलिंग वेसेल लंबी दूरी तय करने वाले पोत होते हैं जो देश की समुद्री सीमा और द्वीप क्षेत्र में कार्य करने में सक्षम होते हैं.

ओपीवी, हेलीकाप्टरों से लैस होते हैं और समुद्री सीमाओं में निगरानी करने के साथ तस्करी रोकने तथा समुद्री लुटेरों को पकड़ने में सहायक होते हैं.

लार्सन एंड टुब्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस एन सुब्रमण्यन ने कहा, ”इस चुनौतीपूर्ण समय में तय समय से पहल आईसीजीएस विग्रह का विमोचन किया गया है, जिससे यह जल्दी ही तटरक्षक बल में शामिल हो जाएगा. वर्तमान भूराजनैतिक परिप्रेक्ष्य में तटरक्षक बल की भूमिका महत्वपूर्ण है.”