नई दिल्ली. भारत आतंकी गुट जैश-ए-मुहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादियों की सूची में डालने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की प्रतिबंध समिति के साथ काम करना जारी रखेगा और संयम बनाए रखेगा. आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी. चीन द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के सरगना को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव को एक बार फिर अपने वीटो अधिकार के जरिये नाकाम करने के कुछ दिनों बाद सूत्रों ने यह बात कही है. Also Read - COVID-19 vaccination in India: भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू, लगभग दो लाख कोरोना योद्धाओं को दी गई पहली खुराक; बड़ी बातें

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कदम वास्तव में दिखावटी हैं. आधिकारिक सूत्रों ने कहा, जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की दिशा में भारत यूएनएससी की प्रतिबंध समिति के साथ काम करना जारी रखेगा. सूत्रों ने कहा कि भारत का मानना है कि आतंकवाद चीन के लिए एक प्रमुख मुद्दा है. उन्हें पता है कि पाकिस्तान में कई आतंकवादी समूह सक्रिय हैं. Also Read - Corona Vaccination in India, Day 1: सफल रहा टीकाकरण अभियान का पहला दिन, 1,91,181 लोगों को लगाया गया टीका

संयम बनाए रखने की अपील
चीन के अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने में बाधा डालने पर सूत्रों ने कहा कि हम जितना भी समय लगे संयम बनाए रखेंगे. अजहर मुद्दे पर चीन के अड़ंगे के बारे में सरकारी सूत्रों ने कहा कि ऐसे कई मुद्दे हैं जिन्हें चीन को पाकिस्तान के साथ सुलझाने की जरूरत है.

चीन ने चौथी बार रोका है
चीन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान में सक्रिय ‘आतंकवादी संगठन’ के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव को चौथी बार तकनीकी रोक के जरिये खारिज कर दिया था. भारत ने चीन के इस कदम को ‘‘निराशाजनक’’ करार दिया था.