Covid-19 Vaccine Latest News: देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत में कोरोना वायरस से तकरीबन 37 लाख लोग संक्रमित हैं वहीं, अब तक 65 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. देश में कोरोना की वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) को लेकर तमाम तरह के शोध जारी हैं. देश में तीन-तीन वैक्सीन टेस्ट चरण में है. अब ऐसे में हर किसी के मन में ये सवाल उठते हैं कि कोरोना की वैक्सीन आखिर कब तक आएगी? इस बीच भारत में बन रही कोरोना की वैक्सीन ‘Covaxin’ को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है. Covaxin के पहले चरण के परीक्षण में इसका कोई ‘साइड इफेक्ट’ सामने नहीं आया है. इसके बाद इसके दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल का रास्ता भी साफ हो गया है. Also Read - Lockdown in Chhattisgarh: कोविड-19 के संक्रमण के चलते छत्तीसगढ़ में 28 सितंबर तक लगेगा लॉकडाउन, रायपुर बना कंटेनमेंट जोन

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के एक अस्पताल में भारत के स्वदेशी कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) का मानव शरीर पर क्लीनिकल परीक्षण का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी चल रही है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. चिकित्सा विज्ञान एवं एसयूएम अस्पताल के चिकित्सा विज्ञान संकाय में प्रधान टीका परीक्षक डॉक्टर ई वेंकट राव ने कहा, ‘पहले चरण का परीक्षण चल रहा है. हम जल्द ही परीक्षण का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं.’ Also Read - पीएम मोदी कोरोना के हालात पर 23 सितंबर को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करेंगे बातचीत! क्या फिर से लगेगा लॉकडाउन?

डॉक्टर राव ने कहा कि टीका लगवाने वाले लोगों के रक्त के नमूनों के जरिये पता लगाया जा रहा है कि रोग प्रतिरोधक विकसित करने के स्तर के मामले में यह टीका कितना कारगर है. उन्होंने कहा कि टीके के पहले चरण के परीक्षण में इसका कोई ‘साइड इफेक्ट’ सामने नहीं आया है. Also Read - Corona Effect: इस राज्य में तेजी से फैला कोरोना का संक्रमण, 11 जिला मुख्यालयों में लगानी पड़ी धारा -144

COVID-19 वैक्सीन कैंडिडेट कोवैक्सीन (Covaxin) को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (Bharat Biotech International Limited) द्वारा ICMR और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (National Institute of Virology) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है.

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी कहा है कि कहा कि नोवल कोरोना वायरस के खिलाफ भारत का पहला टीका इस साल के अंत तक उपलब्ध हो सकता है. डॉ. हर्षवर्धन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि ‘हमारे COVID-19 वैक्सीन उम्मीदवारों में से एक क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में है. हमें पूरा विश्वास है कि इस साल के अंत तक एक वैक्सीन विकसित हो जाएगी.’