पाकिस्तान में छिपे 23 लोगों को भारत ने किया आतंकवादी घोषित, लिस्ट में जैश और लश्कर के खूंखार कमांडरों के नाम

Written By: Arun Kumar Updated by: Arun Kumar
Updated Date:July 4, 2026 12:47 PM IST

भारत ने UAPA कानून के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रहकर आतंकी गतिविधियों में लिप्त 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया है. ये सभी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े लोग हैं.

  • भारत सरकार ने पाकिस्तान में मौजूद 23 लोगों को किया आतंकी घोषित
  • गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत उठाया यह कदम, अब लिस्ट में कुल 80 नाम
  • जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं सभी आतंकी, जिनमें 6 भारतीय
  • भारत के खिलाफ कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे ये लोग

सीमा पार से भारत में आतंक फैलाने की कोशिशों में जुटे आतंकवादियों के खिलाफ भारत सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. गृह मंत्रालय ने शनिवार को एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए पाकिस्तान में रह रहे 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया है.  गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत की है. भारत सरकार के पास इन सभी लोगों के खिलाफ भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के सुबूत हैं. ये UAPA की चौथी अनुसूची है, जिनमें इन 23 नामों को शामिल किय गया है.

Advertising
Advertising

23 आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी, 6 भारतीय

गृह मंत्रालय द्वारा घोषित किए गए इन 23 आतंकवादियों में से 17 पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि 6 भारतीय नागरिक हैं. हालांकि, वे सभी अभी पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर से आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शनिवार को 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) की धारा 35 के तहत जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जमात-उद-दावा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया.

गृह मंत्रालय के पास पुख्ता सबूत

इन सभी आतंकियों ने भारत के खिलाफ साजिश रचने, आतंकी हमले, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा-पार से घुसपैठ, फंड जुटाने, आतंकवादियों की भर्ती करने और उन हमलों को अंजाम देने का काम किया है, गृह मंत्रालय के पास इसके पुख्ता सबूत हैं. इनमें से कई आतंकवादी जम्मू में सुरक्षा बलों पर हमले (2022), भारतीय सेना के नगरोटा कैम्प पर हमला (2016) में शामिल रहे, जबकि इसके अलावा इनके कई बॉस हैं, जो भारत के खिलाफ आतंकी तैयार करने, उन्हें हथियार देने संबंधी कामों में लिप्त रहे.

UAPA कानून में 2019 में हुआ था संशोधन

केंद्र सरकार ने साल 2019 में इस आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन कर इस सूची में आतंकवादियों को शामिल करने का प्रावधान किया था. इस संशोधन से पहले, मानवता विरोधी गतिविधियों में लिप्त संगठनों को ही आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया जा सकता था. शनिवार (4 जुलाई 2026) को, जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमलों में शामिल आतंकियों सहित पाकिस्तान स्थित 23 आतंकवादियों को इस सूची में जोड़ा गया, जिससे कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है.

जैश-ए-मोहम्मद के ये खूंखार नाम

इस सूची में गृह मंत्रालय ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर, मुफ्ती मुहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार, अब्दुल्ला जेहादी, गुलाम फरीद, मौलाना इमाद उल्ला मक्की और वसीम नूर जाट का भी नाम शामिल है.

लिस्ट में लश्कर के भी नाम

वहीं इस सूची में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी फिरदौस अहमद भट्ट, हारून राशिद गनई, बिलाल अहमद मीर, आकिब क्यूम लोन नाजिर अहमद गुज्जर, , अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फारूज, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार और मोहम्मद शहीद फैसल (जो अल कायदा और ISIS से भी जुड़ा है) को भी इस सूची में जोड़ा गया है.

(PTI इनपुट्स से)

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें