नई दिल्ली: सुनामी से प्रभावित इंडोनेशिया में बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान को लेकर भारत ने गहरा शोक प्रकट किया है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत, इंडोनेशिया के साथ मजबूती से खड़ा है.

उल्लेखनीय है कि इंडोनेशिया में रविवार को शक्तिशाली सुनामी के कारण कम से कम 281 लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हो गए. बता दें कि ये तबाही अनाक क्राकाटोआ या ‘क्राकाटोआ का बच्चा’ ज्वालामुखी के फटने के बाद शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात साढ़े नौ बजे दक्षिणी सुमात्रा और पश्चिमी जावा के पास समुद्र की ऊंची लहरें तटों को पार कर आगे बढ़ीं. इससे सैकड़ों मकान नष्ट हो गए. इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एवं भूभौतिकी एजेंसी के वैज्ञानिकों ने कहा कि अनाक क्राकाटोआ ज्‍वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के नीचे मची तीव्र हलचल सुनामी की वजह हो सकती है.

इंडोनेशिया में अचानक आई सुनामी, मृतकों की संख्या 168 हुई, 700 से ज्यादा लोग घायल

इंडोनेशिया की भू-गर्भीय एजेंसी के मुताबिक अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी में बीते कुछ दिनों से राख उठने की वजह से कुछ हरकत होने के संकेत मिल रहे थे. यह विशाल द्वीपसमूह देश पृथ्वी पर सबसे अधिक आपदा संभावित देशों में से एक है, क्योंकि इसकी अवस्थिति प्रशांत अग्नि वलय के दायरे में है, जहां टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराती हैं. इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय को टैग करते हुए सुषमा स्वराज ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ इंडोनेशिया के सुंडा जलडमरूमध्य के तटीय इलाके में आयी सुनामी के कारण मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती हूं. इस दुख की घड़ी में हमारी संवेदनाएं उनके साथ है और हम इंडोनेशिया के अपने भाई-बंधुओं के साथ मजबूती से खड़े हैं. उल्लेखनीय है कि अक्टूबर में जब इंडोनेशिया में सुनामी आई थी तब भारत ने मानवीय एवं बचाव कार्यो के लिये वायु सेना एवं नौसेना को लगाया था.

इंडोनेशिया में सुनामी से मरने वालों की संख्या 281 हुई, 1000 से ज्यादा घायल