Vande Bharat: इस तारीख को पटरी पर उतरेगी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानिए रूट, किराया और खास सुविधाएं

Vande Bharat Sleeper Train: भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इसी महीने शुरू होने जा रही है. यह ट्रेन लंबी दूरी की रात्री यात्राओं को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है, ताकि यात्रियों को तेज, आरामदायक और आधुनिक सफर का अनुभव मिल सके.

Published date india.com Published: January 12, 2026 8:26 PM IST
Vande Bharat: इस तारीख को पटरी पर उतरेगी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानिए रूट, किराया और खास सुविधाएं

Vande Bharat Sleeper Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे, जो पूर्वोत्तर भारत के लिए एक ऐतिहासिक रेल संपर्क साबित होगी. यह अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेन कामाख्या (गुवाहाटी) से हावड़ा (कोलकाता) के बीच चलेगी और पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा. यह जानकारी पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद समीक भट्टाचार्य ने दी.

भट्टाचार्य ने कहा कि इस ट्रेन के शुरू होने से खासकर उत्तर बंगाल को बड़ी कनेक्टिविटी राहत मिलेगी. लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग दक्षिण बंगाल और असम के बीच बेहतर और तेज रेल सेवा की मांग कर रहे थे. नई वंदे भारत स्लीपर सेवा बालुरघाट, रायगंज, अलीपुरद्वार और मालदा जैसे अहम शहरों को सीधे जोड़ने का काम करेगी.

हफ्ते में छह दिन चलेगी ट्रेन

यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सप्ताह में छह दिन कामाख्या और हावड़ा जंक्शन के बीच चलेगी. इसका उद्देश्य लंबी दूरी की रात की यात्राओं को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाना है. इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी मालदा से कामाख्या के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस को भी रवाना करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे.

किराया और कोच की जानकारी

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 1,000 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है. थर्ड एसी (3AC) का शुरुआती किराया 2,300 रुपये, सेकेंड एसी (2AC) का किराया 3,000 रुपये, फर्स्ट एसी (1AC) का अनुमानित किराया 3,600 रुपये है. ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे. इसमें कुल 11 कोच 3AC, 4 कोच 2AC और 1 कोच 1AC है. इनमें कुल 823 बर्थ होंगी, जिनमें 611 (3AC), 188 (2AC) और 24 (1AC) शामिल हैं.

हाई-स्पीड ट्रायल और एडवांस फीचर्स

इस स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का 30 दिसंबर को ट्रायल रन किया गया था, जिसमें यह 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली. खास बात यह रही कि तेज रफ्तार के बावजूद टेबल पर रखे पानी के गिलास तक नहीं हिले, जिससे इसकी बेहतरीन सस्पेंशन और स्थिरता का प्रदर्शन हुआ.

ट्रेन में अत्याधुनिक सुरक्षा सिस्टम, बेहतर सस्पेंशन, शोर रहित सफर और वर्ल्ड-क्लास स्लीपर कोच जैसी सुविधाएं दी गई हैं. यह परियोजना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

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