
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और खबरों की दुनिया में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. ऋषभ टेक और Off-Beat से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते ... और पढ़ें
India GDP Jumps: भारत की अर्थव्यवस्था ने इस साल सभी को चौंका दिया है. जहां RBI और कई आर्थिक एजेंसियां दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ लगभग 7% रहने का अनुमान लगा रही थीं, वहीं असल आंकड़े इससे काफी ऊपर निकले. वित्त वर्ष 2025–26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में भारतीय अर्थव्यवस्था ने शानदार प्रदर्शन किया है. यह प्रदर्शन पिछले छह तिमाहियों में सबसे बेहतर दर्ज किया गया है, जिससे साफ होता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत रफ्तार से आगे बढ़ रही है.
सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार दूसरी तिमाही में रियल GDP 8.2% बढ़ी है. यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि में 5.6% और पिछली तिमाही के 7.8% की तुलना में काफी बेहतर है. घरेलू और वैश्विक सभी रेटिंग एजेंसियों ने ग्रोथ 7% से 7.3% के बीच रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन हकीकत इससे ज्यादा निकली है. इसका मतलब है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अनुमान के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूती दिखा रही है.
IMF और कई रेटिंग एजेंसियों ने पहले ही कहा है कि अगर भारत को 2029 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है, तो GDP ग्रोथ को लगातार 8% के आसपास बनाए रखना जरूरी है. अच्छी बात यह है कि पिछले दो क्वार्टर से यह लक्ष्य हासिल होता दिख रहा है. दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 8.2% रही और पहली तिमाही में 7.8%. यानी पिछली छह महीनों का औसत ग्रोथ रेट लगभग 8% के स्तर पर रहा है. यही वजह है कि अब विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि FY26 में भारत की GDP ग्रोथ 7% से ऊपर रह सकती है. IMF ने अपनी हालिया रिपोर्ट में भारत की वित्तीय स्थिरता और सरकार के फिस्कल मैनेजमेंट की तारीफ की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू मांग और सरकार की नीतियों के कारण भारत की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार पकड़ रही है.
दूसरी तिमाही में GDP के मजबूत आंकड़ों के पीछे मुख्य रूप से विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सर्विस सेक्टर की बड़ी भूमिका रही है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.1% की ग्रोथ दर्ज की गई, जो पिछले कई तिमाहियों का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. वहीं फाइनेंस, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज शामिल सर्विस सेक्टर में 10.2% की शानदार वृद्धि देखी गई है.
यह आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश सेक्टर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ सेक्टर्स में मामूली गिरावट भी देखी गई है. हालांकि कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था स्थिर और मजबूत दिखाई दे रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार दो तिमाहियों में बेहतरीन GDP ग्रोथ देखने के बाद तीसरी तिमाही के आंकड़े भी सकारात्मक रहने की उम्मीद है. भारत में त्योहारों के सीजन में खपत तेजी से बढ़ती है, जिसका असर अगले GDP आंकड़ों में दिखाई देगा. साथ ही सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, घरेलू मांग में वृद्धि और स्थिर आर्थिक माहौल आगे भी विकास को बढ़ावा दे सकते हैं.
IMF ने माना कि भारत ने फिस्कल डेफिसिट को कंट्रोल करते हुए भी विकास की रफ्तार बनाए रखी है. रिपोर्ट में कहा गया कि भारत मजबूत घरेलू मांग और स्थिर नीतियों के कारण दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा.
दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 9% से ज्यादा बढ़ा. कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता, रिकॉर्ड उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, ऑटो, EV और फार्मा सेक्टर में तेजी तथा PLI स्कीम ने बड़ी भूमिका निभाई.
सर्विस सेक्टर ने लगभग 10% वृद्धि दर्ज की. फाइनेंस, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज की तेजी और घरेलू मांग में उछाल ने GDP में बड़ी बढ़त दी.
सरकार के बड़े कैपेक्स, सड़क–रेल–लॉजिस्टिक्स पर खर्च, निर्माण गतिविधियों में तेजी, GST रिफॉर्म और रिकॉर्ड GST कलेक्शन ने GDP को मजबूत आधार दिया. आने वाली तिमाहियों में इनका और असर दिख सकता है.
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