नई दिल्ली: अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोईंग ने रविवार को भारतीय वायुसेना के लिए चार चिनूक सैन्य हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति गुजरात में मुंद्रा बंदरगाह पर की. कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सीएच47एफ (आई) चिनूक को चंडीगढ़ ले जाया जाएगा, जहां उन्हें औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा. बता दें कि भारत के लिए रणनीतिक नजरिए से चिनूक हेलिकॉप्टर इसलिए महत्वपूर्ण है कि इनके आने से एयरफोर्स की क्षमता और बढ़ जाएगी. ये ऐसा हेलिकॉप्टर है, जो ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हवित्जर तोपों को पहुंचाने में बहुत ही मददगार साबित होगा.

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बता दें भारतीय वायुसेना ने वर्तमान में 15 चिनूक हेलिकॉप्टर का ऑर्डर दे रखा है. भारत ने बोईंग के साथ 22 अपाचे हेलिकॉप्टर और 15 चिनूक हेलिकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया को सितंबर 2015 में अंतिम रूप दिया था.

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चिनूक बहुद्देशीय, वर्टिकल लिफ्ट प्लेटफॉर्म हेलिकॉप्टर है, जिसका इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों, उपकरण और ईंधन को ढोने में किया जाता है. इसका इस्तेमाल मानवीय और आपदा राहत अभियानों में भी किया जाता है. राहत सामग्री पहुंचाने और बड़ी संख्या में लोगों को बचाने में भी इसका उपयोग किया जा सकता है.

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एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने रविवार को भारतीय वायुसेना के लिए प्रथम चार सीएच-47एफ (आई) मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर के गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की घोषणा की. बोइंग की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि सीएच-47 एफ (आई) चिनूक को चंडीगढ़ भेजा जाएगा, जहां इन्हें औपचारिक रूप से इस साल के अंत में भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा. बयान में आगे कहा गया है, “सीएच-47 एफ (आई) चिनूक एक उन्नत मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर है, जो भारतीय सशस्त्र बलों को लड़ाकू और मानवीय मिशनों के पूरे स्पेक्ट्रम में बेजोड़ सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता प्रदान करेगा.

स्टेटमेंट के मुताबिक, ”सीएच-47एफ (आई) चिनूक उन्नत बहुद्देशीय हेलिकॉप्टर है, जो भारतीय सशस्त्र बलों को युद्ध और मानवीय मिशन के दौरान अतुलनीय रणनीतिक एयरलिफ्ट की क्षमता मुहैया कराता है.”