By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
- Hindi
- India Hindi
- India Going To Create History Vikram Will Land On Moon Late Night Pm Modi Will See Live Landing With School Children
इतिहास रचने जा रहा भारत, चांद पर देर रात उतरेगा 'विक्रम', पीएम मोदी स्कूली बच्चों संग देखेंगे Live लैंडिंग
लैंडर विक्रम की लाइव लैडिंग देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्कूली बच्चों के साथ इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर के हेडक्वाटर में मौजूद रहेंगे.
नई दिल्लीः स्पेस साइंस की दुनिया में भारत इतिहास रचने से कुछ ही घंटे दूर है. चन्द्रयान-2 का लैंडर विक्रम चन्द्रमा की सतह से कुछ ही किमी दूर रह गया है और शनिवार की सुबह यह चन्द्रमा की सतह पर उतरेगा. भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया को इसका बेसब्री से इंतजार है क्योंकि अगर भारत लैंडर की साफ्ट लैंडिंग कराने में कामयाब रहता है तो वह अमेरिका, रूस , चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बनेगा जिसने यह कामयाबी हासिल की है. आपको बता दें अभी तक चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर कोई भी देश नहीं पहुंच सका है. अगर लैंडर सफल लैंडिंग करता है तो भारत चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन जाएगा.
चांद पर उतरने से पहले चंद्रयान-2 ने भेजी और तस्वीरें, नजर आए विशाल गड्ढे
पीएम मोदी देखेंगे लाइव लैंडिंग
लैंडर विक्रम की लाइव लैडिंग देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर के हेडक्वाटर में मौजूद रहेंगे. एक जानकारी के अनुसार पीएम के साथ लगभग 60 स्कूली बच्चे भी रहेंगे. इन बच्चों का चुनाव एक क्विज प्रतियोगिता के आधार पर किया गया है. आपको बता दें कि इसरो ने जब 22 जुलाई को चन्द्रयान 2 को लॉन्च किया था तब भी प्रधानमंत्री ने इसकी लाइव लान्चिंग देखी थी. लैंडर विक्रम शनिवार को सुबह एक से दो बजे के बीच में चांद की सतह की ओर जाएगा.
रूस में PM मोदी की सादगी: सोफे पर बैठने से किया इंकार, सबका साथ देने को मंगाई साधारण कुर्सी, VIDEO
रहस्यमयी है चन्द्रमा का दक्षिणी ध्रुव
इसरों के वैज्ञानिकों का कहना है कि हम सब ने इस पल के लिए बहुत मेहनत की है और हमें इसका बेसब्री से इंतजार है. वैज्ञानिकों ने कहा कि आज तक कोई भी देश चांद के दक्षिण ध्रुव पर नहीं पहुंच पाया है इसलिए चांद के इस क्षेत्र से कई सारे रहस्यों का खुलासा हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह हिस्सा काफी दिलचस्प होने वाला है क्योंकि यह उत्तरी ध्रुव के मुकाबले काफी बड़ा है और यहां अंधेरा भी रहता है.
बता दें कि लैंडर विक्रम के चांद पर उतरते ही उससे रोवर लैंडर निकलेगा और फिर यह चांद पर रिसर्च शुरू करेगा. इसरों ने बताया कि अभी चन्द्रयान 2 का आर्बिटर अपनी 96 किमी गुणा 125 किमी की कक्षा में चांद के चारो तरफ घूम रहा है और आर्बिटर के साथ साथ लैंडर भी पूरी तरह से काम कर रहा है. एक वैज्ञानिक ने कहा कि यह केवल साइंस के क्षेत्र में ही एक सफलता नहीं होगी बल्कि इससे चांद पर मानव के जीवन संबंधी कई रास्ते भी खुलेंगे.
Also Read:
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें