इतिहास रचने जा रहा भारत, चांद पर देर रात उतरेगा 'विक्रम', पीएम मोदी स्कूली बच्चों संग देखेंगे Live लैंडिंग

लैंडर विक्रम की लाइव लैडिंग देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्कूली बच्चों के साथ इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर के हेडक्वाटर में मौजूद रहेंगे.

Published date india.com Updated: September 6, 2019 11:39 AM IST
इतिहास रचने जा रहा भारत, चांद पर देर रात उतरेगा 'विक्रम', पीएम मोदी स्कूली बच्चों संग देखेंगे Live लैंडिंग

नई दिल्लीः स्पेस साइंस की दुनिया में भारत इतिहास रचने से कुछ ही घंटे दूर है. चन्द्रयान-2 का लैंडर विक्रम चन्द्रमा की सतह से कुछ ही किमी दूर रह गया है और शनिवार की सुबह यह चन्द्रमा की सतह पर उतरेगा. भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया को इसका बेसब्री से इंतजार है क्योंकि अगर भारत लैंडर की साफ्ट लैंडिंग कराने में कामयाब रहता है तो वह अमेरिका, रूस , चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बनेगा जिसने यह कामयाबी हासिल की है. आपको बता दें अभी तक चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर कोई भी देश नहीं पहुंच सका है. अगर लैंडर सफल लैंडिंग करता है तो भारत चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन जाएगा.

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पीएम मोदी देखेंगे लाइव लैंडिंग
लैंडर विक्रम की लाइव लैडिंग देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर के हेडक्वाटर में मौजूद रहेंगे. एक जानकारी के अनुसार पीएम के साथ लगभग 60 स्कूली बच्चे भी रहेंगे. इन बच्चों का चुनाव एक क्विज प्रतियोगिता के आधार पर किया गया है. आपको बता दें कि इसरो ने जब 22 जुलाई को चन्द्रयान 2 को लॉन्च किया था तब भी प्रधानमंत्री ने इसकी लाइव लान्चिंग देखी थी. लैंडर विक्रम शनिवार को सुबह एक से दो बजे के बीच में चांद की सतह की ओर जाएगा.

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रहस्यमयी है चन्द्रमा का दक्षिणी ध्रुव
इसरों के वैज्ञानिकों का कहना है कि हम सब ने इस पल के लिए बहुत मेहनत की है और हमें इसका बेसब्री से इंतजार है. वैज्ञानिकों ने कहा कि आज तक कोई भी देश चांद के दक्षिण ध्रुव पर नहीं पहुंच पाया है इसलिए चांद के इस क्षेत्र से कई सारे रहस्यों का खुलासा हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह हिस्सा काफी दिलचस्प होने वाला है क्योंकि यह उत्तरी ध्रुव के मुकाबले काफी बड़ा है और यहां अंधेरा भी रहता है.

बता दें कि लैंडर विक्रम के चांद पर उतरते ही उससे रोवर लैंडर निकलेगा और फिर यह चांद पर रिसर्च शुरू करेगा. इसरों ने बताया कि अभी चन्द्रयान 2 का आर्बिटर अपनी 96 किमी गुणा 125 किमी की कक्षा में चांद के चारो तरफ घूम रहा है और आर्बिटर के साथ साथ लैंडर भी पूरी तरह से काम कर रहा है. एक वैज्ञानिक ने कहा कि यह केवल साइंस के क्षेत्र में ही एक सफलता नहीं होगी बल्कि इससे चांद पर मानव के जीवन संबंधी कई रास्ते भी खुलेंगे.

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