India China Tension: चायनीज ऐप्स पर बैन लगाने के बाद अब भारत चीन को फिर से आर्थिक झटका देने का प्लान बना रहा है. भारत सरकार ने अब चीन को आर्थिक झटका देने के लिए चीन से आयात होने वाले खिलौनों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 80 फीसदी खिलौने चीन से मंगवाए जाते हैं. आंकड़ों के मुताबिक भारत में चीन के खिलौनों का कारोबार करीब 2000 करोड़ रुपये का है. Also Read - प्रधानमंत्री से बोले 'आयरन मैन' मिलिंद सोमन - मैं फिट रहने के लिए जिम नहीं जाता

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीनी खिलौनों में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक और रंग नुकसानदेह होते हैं और छोटे बच्चों की सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा चीनी खिलौनों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल बहुत ही हानिकारक होते हैं. चीन खराब गुणवत्ता वाले खिलौने भारत को भेजता है. Also Read - Fit India Dialogue: PM मोदी ने विराट कोहली से पूछा, क्या आप को भी YO-YO टेस्ट से गुजरना पड़ता है, जानें टीम इंडिया के कप्तान ने क्या जवाब दिया

इतना ही नहीं चीनी खिलौने क्वालिटी कंट्रोल में भी फेल होते हैं. पिछले कुछ दिनों में चीनी खिलौनों की जब बारीकी से जांच की गई तो पता चला कि चीनी खिलौने भारतीय मापदंड में पूरी तरफ से फेल साबित हुए हैं. Also Read - 3 अक्टूबर को होगा अटल टनल का उद्घाटन, पीएम मोदी के साथ कंगना रनौत भी होंगी शामिल

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के ‘लोकल पर वोकल’ अभियान के तहत अब भारत सरकार देश में ही खिलौनों के निर्माण पर जोर दे रही है. शनिवार को इसे लेकर एक बैठक भी बुलाई गई थी जिसमें मिटटी, लकड़ी के पारंपरिक खिलौनों के निर्माण पर जोर दिया गया. इसके साथ ही बैठक में रिमोट कंट्रोल से चलने वाले खिलौनों को लेकर भी चर्चाएं हुई.

इस तरह से भारत सरकार अब चीन को सैन्य क्षेत्र के साथ-साथ आर्थिक स्तर पर भी चोट पहुंचाने की तैयारी कर रही है.