नई दिल्ली: पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर नौसेना ने विमानवाहक पोत विक्रमादित्य, परमाणु पनडुब्बियां और अन्य पोत तैनात किए थे. नौसेना अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था और भारत ने पाकिस्‍तान की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने की बड़ी तैयारी कर ली थी. परमाणु शस्‍त्रों से लैस पनडुब्‍बियां और जंगी जहाजों के बेड़ों को नेवी ने हाई अलर्ट पर रख दिया था.

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नौसेना के प्रवक्‍ता के मुताबिक, नौसेना एक बड़ा अभ्यास कर रही थी, लेकिन 14 फरवरी के पुलवामा हमले के बाद पोतों को कार्रवाई के लिए तैनात कर दिया गया. उन्होंने बताया कि नौसेना के करीब 60 पोतों के साथ ही भारतीय तटरक्षक बल के 12 पोतों और करीब 80 विमानों को तैनात कर दिया गया.

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नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने कहा कि नौसेना ट्रॉपेक्स अभ्यास में जुटी थी और इससे उसे जल्दी ही बदलती स्थिति में जवाब देने के लिए पोतों को तैनात करने में मदद मिली. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की श्रेष्ठता के कारण पाकिस्तानी नौसेना की गतिविधियां मकरान तट तक ही सीमित रहीं और वे खुले सागर में नहीं आए. बता दें कि पाकिस्‍तान भारत के संभावित हमले को लेकर बुरी तरह से डरा हुआ था.

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इंडि‍यन नेवी ने बताया कि भारत और पाकिस्‍तान के बीच तनाव बढ़ने पर एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्‍य और इसके जंगी समूह के जहाजों को लड़ाकू विमानों के उत्‍तरी अरब सागर में तैनात कर दिए थे. भारतीय नौसेवा की तैनानी जम्‍मू-कश्‍मीर में पुलवामा हमले के मद्देनजर कर दी गई थी. तीनों आयामों में भारतीय नौसेना की श्रेष्‍ठता ने पाकिस्‍तान की नौसेना को मरकान के समीप तक रहने के लिए मजबूर कर दिया था और वह खुले समुद्र में बाहर जाने की स्‍थति में नहीं थी.

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