नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूप के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को दो देशों के बीच S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील पर हस्ताक्षर किए. इसके अनुसार, अब भारत रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के 5 सेट खरीदेगा. भारत और रूस के बीच एस-400 के अलावा अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भी समझौते हुए. दोनों नेता अब थोड़ी देर में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को 19वें भारत रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान मिले. इस बैठक में दोनों नेता अनेक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे. दोनों नेताओं के बीच शिखर बैठक आज सुबह हैदराबाद हाऊस में शुरू हो गई. संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा, राष्ट्रपति पुतिन के साथ वार्ता ने भारत-रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी है. Also Read - मंगोलिया में सुबह 5:33 बजे र‍िक्‍टर स्‍केल पर 6.7 तीव्रता वाला भयंकर भूकंप आया

प्रवक्ता ने दी ये जानकारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने हैदराबाद हाऊस में दोनों नेताओं के चित्र के साथ ट्वीट किया, गर्मजोशी और स्नेह से परिपूर्ण संबंध। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का 19वीं भारत रूस वार्षिक द्विपक्षीय बैठक के लिये स्वागत किया जो इस वर्ष सार्थक सम्पर्क की श्रृंखला है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार को यहां पहुंचे. उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच एस-400 वायु रक्षा प्रणाली सहित अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. Also Read - रिपोर्ट में खुलासा, रूस के साथ एस-400 सौदे के चलते भारत पर पाबंदियां लगा सकता है अमेरिका

सुषमा स्वराज ने किया था स्वागत
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यहां पहुंचने पर पुतिन की अगवानी की थी. उसके बाद पुतिन सीधे लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास गए जहां दोनों नेताओं ने आमने-सामने बैठक की. बाद में प्रधानमंत्री ने उनके लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया था. शिखर सम्मेलन में दोनों नेता विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे. इनमें मास्को के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंध और आतंकवाद विरोधी सहयोग शामिल हैं. रूसी राष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जिसमें उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और व्यापार एवं उद्योग मंत्री डेनिस मंतुरोव शामिल हैं. Also Read - ये है धरती का सबसे ठंडा गांव, जहां तापमान -88F तक नीचे होता है, देखें Amazing Photos