भारत में बढ़े इंटरनेट यूजर्स, 1017.81 मिलियन पहुंचे नंबर्स...ट्राई ने जारी किए ताजे आंकड़े

TRAI Report: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट का उपयोग लगातार बढ़ रहा है.

Published date india.com Updated: December 4, 2025 11:02 PM IST
भारत में बढ़े इंटरनेट यूजर्स, 1017.81 मिलियन पहुंचे नंबर्स...ट्राई ने जारी किए ताजे आंकड़े

TRAI Report: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट का उपयोग लगातार बढ़ रहा है. अप्रैल-जून 2025 की पहली तिमाही में इंटरनेट सब्सक्राइबर की संख्या 1002.85 मिलियन थी, जो जुलाई-सितंबर 2025 की दूसरी तिमाही के आखिर में बढ़कर 1017.81 मिलियन हो गई. यह वृद्धि 1.49 प्रतिशत की है. यह बढ़ोतरी दिखाती है कि देश में इंटरनेट का उपयोग हर महीने तेजी से बढ़ रहा है और लोग डिजिटल सेवाओं को अपनाते जा रहे हैं.

वायरलेस इंटरनेट का दबदबा

ट्राई के डेटा के मुताबिक कुल इंटरनेट सब्सक्राइबर में वायरलेस यूजर की संख्या सबसे ज्यादा है. 1,070.81 मिलियन इंटरनेट यूजर में से 973.39 मिलियन लोग वायरलेस इंटरनेट (जैसे मोबाइल डेटा) का इस्तेमाल करते हैं. वहीं सिर्फ 44.42 मिलियन लोग वायर्ड इंटरनेट (जैसे ब्रॉडबैंड फाइबर कनेक्शन) का उपयोग करते हैं. यह दिखाता है कि भारत में लोग मोबाइल इंटरनेट को अधिक सुविधाजनक मानते हैं और बड़ी आबादी ब्रॉडबैंड की तुलना में मोबाइल डेटा पर निर्भर है. वहीं नैरोबैंड इंटरनेट यूजर की संख्या कम होकर 23.14 मिलियन से घटकर 22.18 मिलियन रह गई.

ब्रॉडबैंड की मांग बढ़ी

जून 2025 में देश में ब्रॉडबैंड इंटरनेट के 979.71 मिलियन यूजर थे. सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 995.63 मिलियन हो गई, यानी 1.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी. इसका मतलब है कि लोग तेज गति वाले इंटरनेट की ओर बढ़ रहे हैं. दूसरी ओर नैरोबैंड इंटरनेट का उपयोग लगातार कम हो रहा है, क्योंकि लोग धीमी गति वाले इंटरनेट की जगह तेज ब्रॉडबैंड सेवाओं को चुन रहे हैं. कुल मिलाकर भारत का इंटरनेट बाजार धीरे-धीरे हाई-स्पीड सेवाओं पर आधारित होता जा रहा है.

वायरलाइन सेवाओं में गिरावट

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वायरलाइन (लैंडलाइन) सब्सक्राइबर की संख्या अप्रैल-जून में 47.49 मिलियन थी, जो सितंबर में घटकर 46.61 मिलियन रह गई. यह तिमाही आधार पर 1.84 प्रतिशत की गिरावट है. हालांकि, जब साल-दर-साल तुलना की जाती है, तो वायरलाइन सेवाओं में 26.21 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली. यह बढ़त इसलिए हुई है क्योंकि कई घरों और ऑफिसों में हाई-स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड लग रहे हैं, जिनमें वायरलाइन कनेक्शन शामिल होते हैं. वायरलाइन टेली-डेंसिटी भी 3.36 से घटकर 3.29 प्रतिशत हुई है, जो हल्की गिरावट है.

मोबाइल यूजर का खर्च बढ़ा

रिपोर्ट में बताया गया है कि मोबाइल यूजर्स का औसत खर्च (ARPU) भी बढ़ा है. पहली तिमाही में यह 186.62 रुपए था, जो बढ़कर 190.99 रुपए हो गया. यानी 2.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी. सालाना तुलना में यह आंकड़ा 10.67 प्रतिशत बढ़ा है, जो टेलीकॉम कंपनियों के लिए अच्छी खबर है. प्रीपेड यूजर्स का ARPU 189.69 रुपए और पोस्टपेड का 204.55 रुपए दर्ज किया गया. वहीं पूरे भारत में ग्राहकों का औसत कॉल समय (MOU) 1006 से थोड़ा कम होकर 1005 हो गया. कुल इंटरनेट बेस में 995.63 मिलियन ब्रॉडबैंड और 22.18 मिलियन नैरोबैंड यूजर शामिल हैं.

(इनपुट- IANS)

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.