नई दिल्ली: म्यांमार में तख्तापलट (Myanmar Military Coup) होने और सत्ता सेना के अपने हाथों में लेने के बाद वहां जगह-जगह इसके खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है. देश में तनावपूर्ण स्थिती बनी हुई है. म्यांमार में सैन्य तख्ता पलट और अशांति की पृष्ठभूमि में भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह हालात पर करीब से नजर रखे हुए है और इस संबंध में साझेदार देशों से बातचीत भी कर रहा है. साथ ही उसने सभी मुद्दों को बातचीत और शांति से सुलझाने पर जोर दिया. म्यांमार से पुलिसकर्मियों सहित कुछ लोगों के भारत की सीमा में प्रवेश करने और मिजोरम में शरण लेने की खबरों के बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह ‘तथ्यों का सत्यापन’ कर रहा है. Also Read - Myanmar में पत्रकारों की गिरफ्तारी पर अमेरिका के पत्रकार संगठन ने की निंदा, की रिहाई की मांग

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि म्यांमार में सैन्य तख्ता पलट के बाद से वहां के 16 नागरिक भारत आए हैं और मिजोरम में शरण ली है. दावा है कि उनमें से 11 पुलिसकर्मी हैं. इस बारे में सवाल करने पर विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (Anurag Srivastava) ने कहा, ‘फिलहाल हम तथ्यों का सत्यापन कर रहे हैं, इस संबंध में अधिक सूचना के साथ आपको उत्तर देंगे.’ Also Read - YouTube ने Myanmar सेना के पांच चैनलों को किया बंद, लगाया नियमों के उल्लंघन का आरोप

म्यांमार के विस्थापित लोगों की सहायता के लिए भारत द्वारा पिछले सप्ताह कोस्ट गार्ड (Coast Guard) के दो जहाज भेजे जाने के संबंध में श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे कोस्ट गार्ड नावों पर सवार लोगों को मेडिकल, भोजन, पेयजल सहित अन्य मानवीय सहायता प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम बांग्लादेश (Bangladesh) के संपर्क में हैं ताकि उन्हें उनके मूल स्थान (बांग्लादेश) सुरक्षित भेजा जा सके. Also Read - सिख श्रद्धालुओं से भारतीय अधिकारियों को नहीं मिलने देने के ना'पाक' तेवर पर भारत का विरोध

(इनपुट-भाषा)