500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले के बाद भारत सरकार अब नए नोट की छपाई के लिए 20 हजार टन करेंसी पेपर आयात करने की तैयारी में है। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक बहुत जल्द करेंसी पेपर खरीदने का टेंडर जारी किया जा सकता  है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 8 हजार टन पेपर ही आयात किया गया है। लेकिन शनिवार को आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में 20 हजार टन पेपर आयात करने का यह फैसला लिया गया। Also Read - चलती ट्रेन से उड़ाए पांच सौ-हजार के पुराने नोट, बटोरने को दौड़ पड़ा पूरा गांव, सैकड़ों ने भर ली जेबें, फिर हुआ ये

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देश की चार बड़ी करेंसी प्रिंटिंग के लिए 9 विदेशी फर्मों से पेपर आयात किए जा सकते हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो भारत अभी तक ज्यादातर अपना करेंसी पेपर खुद ही तैयार करता है। इतनी बड़ी मात्रा में पेपर आयात करके अगले एक साल तक करेंसी की जरूरत को पूरा किया जाएगा। पिछले कुछ सालों में करेंसी पेपर खपत करीब 25 हजार टन रही है। यह भी पढ़ेंः दिल्ली की लॉ फर्म से 13 करोड़ के नोट बरामद Also Read - Arvind Kejriwal attacks on PM Narendra Modi after fake note dispence incident | ATM से निकले फर्जी नोट, केजरीवाल बोले- नोट ठीक से नहीं छाप सकता वो देश क्या चलाएगा

करेंसी पेपर आयात करने का ऑर्डर 9 विदेशी फर्मों को दिया जा सकता है। इन फर्मों को गृह मंत्रालय की ओर से सुरक्षा मंजूरी भी दी जा चुकी है। फिलहाल इनमें से 6 फर्म ऐसी हैं जो पहले भी भारत सरकार को करेंसी पेपर आयात करती रही हैं। 3 कंपनियों को पहली बार टेंडरिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।