नई दिल्ली: चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और पाकिस्तान के साथ लगने वाली नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास बुनियादी ढांचे के सुधार पर चर्चा की गई. सूत्रों ने यह जानकारी दी. रक्षा मंत्रालय ने कहा, “रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज दक्षिण ब्लॉक में हुई एक बैठक में डीजी बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की.” Also Read - अमेरिका में चीन के खिलाफ प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने पूछा-वायरस कौन, जवाब मिला ये-देखें वीडियो

बैठक के दौरान सिंह ने निर्देश दिया है कि सभी सीमा ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर तेजी से कार्य किया जाए, ताकि सुरक्षा बलों की आवाजाही प्रभावित न हो. सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक (डीजी) लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने मंत्री को जानकारी दी कि स्थापना के बाद से संगठन ने एक अग्रणी सड़क निर्माण एजेंसी के तौर पर कार्य किया है. उन्होंने बताया कि सगंठन सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों, पुलों, सुरंगों और हवाई अड्डों के निर्माण में शामिल रहा है. इसके अलावा इसने भूटान, म्यांमार, अफगानिस्तान जैसे मित्र देशों में भी हमारे समग्र सामरिक उद्देश्यों के अनुरूप निर्माण किया है. Also Read - Atmanirbhar Bharat Week: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज ‘आत्मनिर्भर भारत सप्ताह’ की करेंगे शुरुआत, जानें क्या होंगे इसके फायदे

अधिकारी ने मंत्री को यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बीआरओ के कार्यों एवं उसके परिणामों में बड़ी वृद्धि हुई है. बीआरओ ने 2018-19 की तुलना में 2019-20 में लगभग 30 प्रतिशत अधिक काम किया है. अधिकारी ने कहा कि बीआरओ ने 2019-20 में 1,273 किलोमीटर निर्माण कटिंग और 2,214 किलोमीटर सरफेसिंग का कार्य किया है. इसके साथ ही इसने 1,715 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी काम किया है, 2,979 किलोमीटर प्रमुख पुल, 689 करोड़ रुपये सुरंग निर्माण कार्य और 2,498 किलोमीटर री-सर्फि ग का काम किया है. Also Read - देश में होगा बड़ी हथियार प्रणालियों का निर्माण, 15 अगस्त को आत्मनिर्भर भारत की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे पीएम: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

2017-18 के बाद से पिछले दो वर्षों में फॉर्मेशन कंटिंग में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी, सरफेसिंग में 15 प्रतिशत, स्थायी कार्य में 55 प्रतिशत, प्रमुख पुलों में 17 प्रतिशत और पुनरुत्थान कार्यों में 49 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. अधिकारी ने बताया कि 2017-18 में 5,458 करोड़ रुपये और 2018-19 में 6,859 करोड़ रुपये की तुलना में 2019-20 में किए गए कार्यों का कुल व्यय 7,867 करोड़ रुपये रहा है. पिछले महीने सरकार ने जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में सीमा सड़क संगठन द्वारा राजमार्ग परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त 1,691 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी.

इसके अलावा एलएसी के पास भारत और चीन के बीच व्याप्त तनाव के बीच लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने 8.8 कि. मी. लंबी अटल रोहतांग सुरंग के निर्माण स्थल का भी दौरा किया था, जिसका उद्घाटन सितंबर में किया जाना है.

(इनपुट आईएएनएस)