बंगाल की खाड़ी में भारत की सबसे खास मिसाइल के टेस्ट की तैयारी! 3550 किलोमीटर का एरिया डेंजर जोन में, जारी किया गया NOTAM

17 से 20 दिसंबर के लिए जारी किया गया नोटम 3,550 किलोमीटर एरिया के लिए है. इस रेंज को देखते हुए माना ज रहा है कि भारत परमाणु पनडुब्बी से दागी जाने वाली के-4 या के-5 बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर सकता है.

Published date india.com Published: December 13, 2025 1:32 PM IST
बंगाल की खाड़ी में भारत की सबसे खास मिसाइल के टेस्ट की तैयारी!  3550 किलोमीटर का एरिया डेंजर जोन में, जारी किया गया NOTAM

Missile test in Bay of Bengal: भारत ने एक बार फिर बंगाल की खाड़ी में मिसाइल टेस्ट की तैयारी की है. 17 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच इस क्षेत्र में अस्थायी नो-फ्लाई ज़ोन (NOTAM) जारी किया गया है जिसकी रेंज 3,550 किलोमीटर तक है. पहले यह रेंज केवल 2520 किलोमीटर की थी जिसे बाद में बढ़ा दिया गया.

इस महीने की शुरुआत में भी 1 से 4 दिसंबर के लिए 3,485 किलोमीटर क्षेत्र के लिए नोटम जारी किया गया था जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था. 17 से 20 दिसंबर के लिए जारी किया गया नोटम 3,550 किलोमीटर एरिया के लिए है. इस रेंज को देखते हुए माना ज रहा है कि भारत परमाणु पनडुब्बी से दागी जाने वाली के-4 या के-5 बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर सकता है. हालांकि इस बारे में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

जिस क्षेत्र को 17 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच डेंजर जोन घोषित किया गया है वो ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से शुरू होकर हिंद महासागर की ओर फैला है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के साथ नौसेना और स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में ये परीक्षण किया जाएगा.

क्यों जारी किया जाता है NOTAM

नोटम जारी होने के बाद उस एयरस्पेस में किसी भी नागरिक विमान को उड़ने की इजाज़त नहीं होती. ऐसा किसी भी तरह के हादसे से बचने के लिए किया जाता है. मिसाइल परीक्षण के दौरान सेनाओं के जेट और ड्रोन भी निगरानी के लिए क्षेत्र में मौजूद होते हैं इसलिए सिविलियन एयरक्राफ्ट्स को इस क्षेत्र से दूर रखा जाता है.

जिस मिसाइल के टेस्ट की संभावना उसकी खासियत जानिए

माना जा रहा है कि भारत सबमरीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) के-5 का परीक्षण करने वाला है. के का मतलब कलाम से है जिसे भारत के मिसाइल मैन कहे जाने वाले डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के सम्मान में रखा गया है. के सीरीज की मिसाइलें भारत की सबसे सीक्रेट हथियारों में से एक हैं. इसमें के-15 और के-4 ऑपरेशल हैं जिनकी रेंज क्रमशः 700 किमी और 2500 किमी है.

K-5 की रेंज 4000 किमी के करीब मानी जा रही है. इसे खास तौर पर भारत के समुद्र आधारित न्यूक्लियर डिफेंस के लिए बनाया गया है. इस मिसाइल को अरिहंत-क्लास न्यूक्लियर सबमरीन से लॉन्च किया जाना है. K-5 न्यूक्लियर हथियार ले जा सकती है. इस पर लगभग 1-2 टन का वॉरहेड फिट किया जा सकता है. K-5 देश की सेकंड स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करती है. भविष्य में के-6 के विकास की भी योजना है जिसकी रेंज 5500 किमी से ज्यादा होगी.

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