बंगाल की खाड़ी में फिर होगा मिसाइल परीक्षण, भारत ने जारी किया NOTAM, इस बार किस हथियार को परखने की बारी?

India Issues NOTAM: भारत ने बंगाल की खाड़ी में मिसाइल परीक्षण के लिए दो नोटम जारी किए हैं. ये 1000 किलोमीटर की दूरी के लिए हैं.

Written by: Shivendra Rai
Published: May 17, 2026, 12:42 PM IST

India issued two separate NOTAM: भारत ने एक बार फिर बंगाल की खाड़ी में मिसाइल परीक्षण के लिए NOTAM (Notices to Airmen) जारी किया है. इस बार दो अलग-अलग नोटम जारी किए गए हैं. पहला NOTAM 18 मई से 20 मई तक की अवधि के लिए जारी किया गया है. वहीं, दूसरा NOTAM 21 मई से 22 मई तक की अवधि के लिए है. भारत ने इस बार 1000 किलोमीटर के एरिया को डेंजर जोन घोषित किया है.

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मिसाइल के परीक्षण की तैयारी!

भारत द्वारा जारी किए गए नोटम के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 18 से 22 मई तक विमानों और समुद्री जहाजों के लिए एक खास क्षेत्र में जाना प्रतिबंधित रहेगा. भारत ने ये साफ नहीं किया है कि इस बार किस मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब्दुल कलाम द्वीप पर मध्यम दूरी की मिसाइल के परीक्षण की तैयारियां चल रही हैं. इसके लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की एक विशेष टीम पहले से ही तय जगह पर मौजूद है.

भारत ने आधिकारिक रूप से किसी मिसाइल परीक्षण की बात भी नहीं कही है. लेकिन, ऐसे नोटम तभी जारी किए जाते हैं जब बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित चांदीपुर और अब्दुल कलाम द्वीप से किसी रणनीतिक मिसाइल का परीक्षण करना होता है.

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हाल ही में हुआ है अग्नि-5 का परीक्षण

भारत ने हाल ही में ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल) तकनीक से लैस अपनी सबसे ताकतवर मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया था. इसके लिए 3500 किमी से ज्यादा के क्षेत्र में नोटम जारी किया गया था. मौजूदा नोटम को देखें तो यह पिछले के मुकाबले कम एरिया कवर करता है.

किस मिसाइल का हो सकता है परीक्षण?

नए परीक्षण के बारे कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है लेकिन, विशेषज्ञ मान रहे हैं कि भारत हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण कर सकता है. इस बार जारी किए गए नोटम की रेंज 1000 किमी है. इसलिए किया जाने वाला परीक्षण एक्सटेंडेड रेंज ब्रह्मोस का भी हो सकता है. ब्रह्मोस- ER के कोस्टल वैरियंट का परीक्षण किया जा सकता है जिसकी रेंज 800 किमी है.

मैक 2.8 की स्पीड से दुश्मन पर हमला करने वाली ब्रह्मोस का नया वर्जन समुद्र और जमीन पर भारतीय सेनाओं की ताकत में इजाफा करेगा. ये मिसाइल बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए 800 किमी दूर से ही दुश्मन के युद्धपोत और एयरक्राफ्ट करियर को समुद्र में डुबो सकती है. इसका लैंड वर्जन पश्चिमी सीमा पर पूरे पाकिस्तान को अपनी रेंज में ले सकता है.

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