संयुक्त राष्ट्र में हुए बैठक के दौरान भारत की कोशिशों थी की वह पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर पर बैन लगवा सके। मगर इस बीच पाकिस्तान के तरफ से चीन ने अपनी आवाज़ उठते हुए भारत की कोशिश को नाकाम कर दिया। अब इस मामले को लेकर भारत-चीन के बीच तल्खी और बढ़ सकती है। दरअसल, अब भारत ने चीन को सबक सिखने के लिए चीन में आतंकी घोषित चीन के ईसा जो की वर्ल्ड उइगर कांग्रेस (डब्लूयूसी) के नेता हैं, उन्हें भारत ने वीसा दिया है। Also Read - चीन में मोबाइल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 100 करोड़ के करीब, 1 खरब 65 अरब GB डेटा हुआ इस्तेमाल

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चीन ने कहा है कि ईसा आतंकवादी है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है और यह सभी देशों की जिम्मेदारी है कि उसे पकड़ा जाए। वहीं लीडर डोल्कन ईसा को भारत की ओर से वीजा मिलने पर चिंता जताई है। दरअसल, चीनी मूल के ईसा भारत के धर्मशाला में अगले हफ्ते होने वाली एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने आ रहे हैं। इसका आयोजन अमेरिकी संगठन “इनीशिएटिव फॉर चायना’ कर रहा है। इस कॉन्फ्रेंस में चीन में लोकतांत्रिक बदलाव पर चर्चा होगी। यह भी पढ़ें: मसूद के मुद्दे पर भारत के संपर्क में: चीन Also Read - ऐसे हुआ था गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से भारतीय सेना का संघर्ष, चीन ने ही जारी किया उस रात का Video, देखें

भारत के इस तरह के कड़े रुख को देखते हुए चीन ने पहली बार भारत के साथ सीमा विवाद को सुलझाने की पहल की है। चीन से भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अगुवाई में यह बातचीत हुई है। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझाने की बात हुई है। दोनों देशो के बीच समझावत करने की बात की गई है। वहीं एक दूसरे से संपर्क बनाए रखने के लिए दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हॉटलाइन स्थापित कर लगातार संपर्क में बने की बात की गई है। (फोटो क्रेडिट: ट्विटर)