Weather New record: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि भारत में इस साल अगस्त में 1976 के बाद सबसे अधिक बारिश हुई है. इस प्रकार 44 साल के बाद बारिश ने भारत में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है. Also Read - अगले सप्ताह से वापस होगा मानसून, कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश, जानें मौसम के बारे में क्या है आईएमडी की रिपोर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हालांकि पूर्वानुमान लगाया है कि सितंबर में मानसून धीमा हो सकता है. विभाग के मुताबिक जुलाई के महीने में भी औसत से 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. Also Read - England vs Australia 3rd ODI Probable XI: आज इन खिलाड़ियों के साथ उतर सकती हैं इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें

“आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने आईएएनएस को बताया कि “मानसून के बारे में अब तक का पूर्वानुमान सही रहा है. देश भर में मानसून बेहतर रहा है. अगस्त में जोरदार बारिश हुई थी, लेकिन सितंबर में मानसून धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अभी भी अच्छी बारिश हो सकती है. Also Read - Weather Updates: दिल्ली-NCR में बारिश की संभावना, जानें आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

आईएमडी की नवीनतम रिपोर्ट में कहा गया है: “1-28 अगस्त से, भारत में 296.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि महीने के दौरान औसत बारिश 237.2 मिलीमीटर है. इस प्रकार, देश में अगस्त में औसत से 25 फीसदी अधिक बारिश हुई है.

“इससे पहले 1976 में, अगस्त के महीने में औसत से 28.4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी, जबकि अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश 1926 में – 1901 से 2020 के बीच हुई थी. 1926 में औसत से 33 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई थी.”

आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश मध्य भारत में हुई है – यहां औसत से 57 फीसदी ऊपर, जबकि पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में औसत से 18 फीसदी कम बारिश हुई है.

महापात्रा ने कहा कि मानसून इस समय उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहा है, जबकि दक्षिणी राज्यों में आने वाले हफ्तों में भारी बारिश से कुछ राहत मिल सकती है.

उन्होंने कहा कि आईएमडी ने 25 अगस्त के बाद दिल्ली में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था, जो सही साबित हुआ और शुक्रवार (28 अगस्त) को राष्ट्रीय राजधानी में बारिश हुई.

उन्होंने बताया कि “सितंबर के महीने में अपेक्षाकृत कम बारिश होगी लेकिन देश भर में बारिश  से खरीफ सीजन की फसलों की पैदावार बढ़ेगी. अक्टूबर के लिए पूर्वानुमान अभी तक जारी नहीं किया गया है.”