नई दिल्ली. सरकार पर भरोसा होना किसी भी देश के आगे बढ़ने के लिए बेहद जरूरी है. देश के आर्थिक विकास के लिए भी यह एक जरूरी चीज है. यह सरकार के फैसलों को और असरदार बनाता है और टैक्स सिस्टम को लेकर भी लोगों को आज्ञापालक बनाता है. एक सर्वे में सरकार पर भरोसे के मामले में भारत को विश्व में नंबर-3 बताया गया है.

दुनिया की प्रतिष्ठित मैग्जीन फोर्ब्स ने OECD- Government at a Glance (Organization for Economic Cooperation and Development) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दुनिया के 34 अग्रणी लोकतांत्रिक देशों में रह रहे लोगों पर हुए सर्वे की खबर प्रकाशित की है. इस ट्वीट में फोर्ब्स मैग्जीन ने जानकारी दी है कि भारत के 73 फीसदी लोगों का भरोसा सरकार के साथ है. फोर्ब्स की इस सूची में अमेरिका, रूस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया भारत से काफी पीछे हैं.

इस सर्वे में पूछा गया था, क्या आपको अपनी सरकार पर भरोसा है? इस पर 73 फीसदी भारतीयों ने  हां में जवाब दिया. भारत तीसरे स्थान पर रहा. पहले नंबर पर स्विट्जरलैंड और दूसरे नंबर पर इंडोनेशिया रहे, यहां 80 फीसदी लोगों ने हां में जवाब दिया.  चौंकाने वाली बात ये है कि 2007 में इस सवाल के जवाब में भारत में 82 फीसदी लोगों ने हां कहा था.

हाल के वर्षों में, ग्रीस यूरोप माइग्रेशन संकट, कई चुनावों, बैंक शटडाउन के दौर से गुजरा है. फोर्ब्स ने ग्रीस को सबसे निचले पायदान पर रखे जाने के पीछे यही वजह गिनाई है. 2016 में, कुल मिलाकर सिर्फ 13 फीसदी ग्रीसवासियों का ही भरोसा सरकार के साथ था. वहीं, अगर अमेरिका की बात की जाए तो फेक न्यूज, स्कैंडल्स और रूस को लेकर तमाम आरोप अभी भी वाइट हाउस को घेरे हुए हैं. सिर्फ 30 फीसदी लोगों का ही भरोसा वहां सरकार के साथ है. युनाइटेड किंग्डम में, जो यूरोपियन यूनियन से अलगाव के दौर से भी गुजरा है, वहां 41 फीसदी लोगों का भरोसा सरकार के साथ है.

रूस और तुर्की में, पुतिन और एर्डोगन की सरकारों को 58 फीसदी लोगों का भरोसा मिला है. गौरतलब है कि (OECD- Organization for Economic Cooperation and Development) एक यूनिक फोरम है. यहां 34 लोकतांत्रिक देश आर्थिक स्तर पर एक-दूसरे की मदद करते हैं. इसके अलावा इस संस्था से 70 से अधिक गैर-सदस्यीय इकोनॉमी भी जुड़ी हुई हैं. वे एक-दूसरे के आर्थिक विकास, समृद्धि और टिकाऊ विकास के लिए प्रयासरत हैं.