नई दिल्ली/इस्लामाबाद। भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते को लेकर मंगलवार को महत्वपूर्ण समझौता हुआ. जम्मू कश्मीर में सीमा पर गोलीबारी रोकने के लिए भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशक (डीजीएमओ) 2003 के संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर आज सहमत हुए. थल सेना ने कहा है कि दोनों सैन्य कमांडरों ने शाम छह बजे हॉटलाइन पर बातचीत के दौरान जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की. विशेष हॉटलाइन संपर्क की पहल पाकिस्तानी डीजीएमओ ने की. Also Read - कश्मीर घाटी में आ चुके हैं खतरनाक ‘स्टिकी बम’! नए सिरे से एसओपी तैयार कर रही है सेना

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15 साल पुराने समझौते पर सहमति Also Read - Indian Army Recruitment 2021: 12वीं पास के लिए भारतीय सेना में अप्लाई करने की कल है अंतिम डेट. इस Direct Link से करें आवेदन  

भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान के मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा के बीच बातचीत के बाद दोनों सेनाओं ने समान बयान जारी कर कहा कि दोनों देश 15 साल पुराने संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए हैं. साथ ही , यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन ना हो.

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एलओसी पर गोलीबारी बढ़ी

एलओसी पर पिछले कुछ महीनों में संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रमजान के दिनों में भी पाकिस्तान की ओर से भारी गोलीबारी हो रही है. इसके चलते सीमा पर कई लोगों की जान गई है और करीब 40 हजार लोगों को बेघर होना पड़ा है. रक्षा सूत्रों ने नई दिल्ली में बताया कि पाकिस्तानी थल सेना द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन किए जाने की इस साल अब तक कुल 908 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 860 था.

विशेष हॉटलाइन स्थापित

पाकिस्तान थल सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा है कि दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच आज एक विशेष हॉटलाइन संपर्क स्थापित किया गया. बयान में कहा गया है कि दोनों डीजीएमओ ने नियंत्रण रेखा और वर्किंग बाउंड्री पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की. शांति सुनिश्चित करने के लिए और सीमा पर बाशिंदों को पेश आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए वे मौजूदा स्थिति को बेहतर करने के लिए गंभीर कदम उठाने को लेकर भी सहमत हुए.

पूरी तरह संघर्षविराम लागू करने पर सहमत

दोनों देश 2003 के संघर्षविराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए. उन्होंने संयम बरतने और मौजूदा तंत्र के जरिए मुद्दे का हल करने का भी फैसला किया. बयान में कहा गया है कि दोनों डीजीएमओ इस बात पर भी सहमत हुए कि कोई मुद्दा उठने पर संयम रखा जाएगा और उस विषय का हॉटलाइन संपर्क और स्थानीय कमांडरों की फ्लैग मीटिंग के मौजूदा तंत्र के जरिए हल किया जाएगा.

(भाषा इनपुट)