International flights Latest News: नागर विमानन महानिदेशालय ने फिलहाल 15 जुलाई 2020 तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flight) पर रोक लगा रखी है लेकिन इसके बावजूद DGCA ने कुछ चुनिंदा मार्गों पर उड़ानों को अनुमति दी है. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह अनुमति कुछ नियमों पर आधारित होगी. भारत ने 25 मार्ग से लगे लॉकडाउन के दो दिन पहले यानि 23 मार्च से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा दी थी. दो महीने बाद 25 मई से भारत सरकार ने दोबारा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को शुरू करने का फैसला लिया था.Also Read - उड़ान के तुरंत बाद ही हवा में टकराने से बाल-बाल बचे IndiGo के दो विमान, DGCA करेगा जांच

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देश में कोरोना के तेजी से फैलते संक्रमण के कारण नागर विमानन मंत्रालय ने एक बार फिर से फैसला लेते हुए तीन दिन पहले 15 जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा दी है लेकिन इस आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकार मामला दर मामला आधार पर चुनिंदा मार्गों पर अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों को अनुमति मिल सकती है. हालांकि DGCA ने कोरोनावायरस और लॉक डाउन की वजह से विदेश में फंसे भारतीयों के प्रत्यावर्तन के लिए विशेष उड़ानों की अनुमति दी है लेकिन इसमें अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर सामान्य उड़ानों को बंद रखा है. Also Read - Omicron के खतरे को देखते हुए बंगाल सरकार अलर्ट, UK से कोलकाता आने वाली सभी उड़ानों पर 3 जनवरी से रोक

जहां एक तरफ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फिर रोक लग गया है वहीं दूसरी तरफ एयर इंडिया और निजी घरेलू उड़ानें वंदे भारत मिशन के तहत अपना परिचालन जारी रखे हुए हैं. अगर भारत कुछ देशों के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करता है तो उसे पहले कई चीजों को हल करना होगा. जिसमें सबसे पहला आता है दूसरे देश से इजाजत लेना.

जानकारी के अनुसार कोरोना के खतरे के चलते दुनिया भर के ज्यादातर देशों ने अपने एयर स्पेस को पूरी तरह से बंद करके रखा हुआ है. अब ऐसे हालात में अगर भारत कुछ देशों के लिए उड़ानों को शुरू करने के बारे में सोच रहा है तो उसे उस देश के एयर स्पेस में जाने के लिए पहले इजाजत लेनी पड़ेगी.

भारत के सामने एक और बड़ी समस्या यह होगी कि वह कोरोना के संक्रमण को कैसे रोकता है. इस समय कोरोना का प्रसार अपनी चरमसीमा पर है ऐसे में विदेश जानें वाले और वहां से आनें वाले यात्रियों को संक्रमण से दूर रखना एक बड़ी समस्या है.