द हेग। भारत तथाकथित इस्लामिक स्टेट या आईएसआईएस के हाथों रासायनिक हथियार लग जाने की खबरों से काफी चिंतिंत है और उसने रासायनिक हथियार निषेध संगठन (ओपीसीडब्ल्यू) इस खतरे पर कड़ी नजर रखने का आह्वान किया है. ओपीसडब्ल्यू में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि वेणु राजमणि ने संगठन की कार्यकारी परिषद के 88 वेंसत्र को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बारे में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आ रहे नये आरोपों पर व्यापक चिंता से भारत भी चिंतिंत है.

ब्रिटिश नागरिक की हुई थी मौत

उन्होंने कहा, जहरीले रसायन के संपर्क मे आने पर एमेसबरी में ब्रिटिश नागरिक की त्रासद मौत की खबर से हम दुखी हैं. हम रासायनिक हथियारों के हमलों के शिकार हुए लोगों एवं उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं. पश्चिम इंग्लैंड में सलिसबरी के पास एमेसबरी में एक जानलेवा नर्व एजेंट की अत्यधिक मात्राा के कुछ दिन बाद 44 वर्षीय ब्रिटिश महिला डॉन स्टुर्जेज की आठ जुलाई को मौत हो गई थी. इसी शहर में चार महीने पहले एक पूर्व रुसी जासूस और उसकी बेटी को यही घातक रसायन दिया गया था.

भारत ने की ये अपील

राजमणि ने कहा कि भारत का सदैव यह रुख रहा है कि कभी भी किसी भी स्थिति में किसी के द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को सही नहीं ठहराया जा सकता है और ऐसा घृणित कृत्य करने वालों को जरूर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल मानवता के विरुद्ध और रासायनिक हथियार संधि व अंतरराष्ट्रीय कानूनी नियमों के विपरीत है.

यहां भारतीय दूतावास से जारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा, भारत तथाकथित इस्लामिक स्टेट या आईएसआईएस की रासायनिक हथियारों एवं उनके उपयोग की तकनीक तक पहुंच हो जाने की खबरों से काफी चिंतिंत है. वह तकनीकी सचिवालय से इस खतरे पर कड़ी नजर बनाये रखने और इस उभरते खतरे के बारे में कार्यकारी परिषद को रिपोर्ट देने का अनुरोध करता है.

भारत में आईएस का आत्मघाती हमलावार

बता दें कि ये खबर ऐसे वक्त पर सामने आई है जब हाल ही में खुलासा हुआ है कि आईएस के निशाने पर राजधानी दिल्ली थी. अफगानिस्तान का एक आत्मघाती हमलावर दिल्ली में बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में थे. लेकिन खुफिया विभागों की सतर्कता ने इसे टाल दिया. खुफिया विभाग ने इस आतंकी पर पल-पल नजर रखी और उसे दबोच लिया. बाद मेंं इसे अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के हवाले कर दिया गया. मामला कई महीने पुराना है जिसका खुलासा अब हुआ है.

(भाषा इनपुट)