रैपिड ट्रेन शुरू होने से पहले ही खर्च बढ़ा: मेरठ साउथ समेत कई स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में उछाल, यात्रियों की चिंता बढ़ी

रैपिड ट्रेन का सफर शुरू होने से पहले ही यात्रियों की जेब पर असर दिखने लगा है. मेरठ साउथ और कई अन्य रेलवे स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है. इस बढ़ोतरी के बाद यात्रियों को स्टेशन पर अपनी गाड़ी पार्क करने में अधिक खर्च करना पड़ेगा.

Published date india.com Published: January 4, 2026 6:38 PM IST
रैपिड ट्रेन शुरू होने से पहले ही खर्च बढ़ा: मेरठ साउथ समेत कई स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में उछाल, यात्रियों की चिंता बढ़ी

Rapid Train Parking Fee Hike: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जल्द ही संचालन शुरू होने जा रही नमो भारत और मेट्रो सेवाओं के बीच, एनसीआरटीसी (NCRTC) ने यात्रियों को परेशान करने वाला फैसला लिया है. 1 जनवरी 2026 से मेरठ साउथ (परतापुर) समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है. इस बढ़ोतरी के साथ ही पार्किंग की समय सीमा भी कम कर दी गई है, जिससे रोजमर्रा के यात्रियों की जेब पर भारी असर पड़ रहा है. कई यात्रियों ने बताया कि अभी सफर शुरू भी नहीं हुआ, और पहले ही उन्हें अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ रहा है.

स्टेशन के कर्मचारियों के अनुसार पहले पार्किंग का एक बड़ा स्लैब था, जिसमें 16 घंटे तक पार्किंग शुल्क एक जैसा रहता था. अब इसे घटाकर सिर्फ 6 घंटे कर दिया गया है. इसका सीधा असर यह हुआ कि कोई भी नौकरीपेशा व्यक्ति, जो सुबह 8 बजे अपनी गाड़ी खड़ा करता है और शाम 6 बजे लौटता है, उसे अब पहले से कहीं ज्यादा भुगतान करना होगा. इसके अलावा, हेलमेट रखने के लिए अलग शुल्क भी लागू कर दिया गया है, जिससे खर्च और बढ़ गया है. यह बदलाव यात्रियों के लिए आर्थिक बोझ के रूप में सामने आया है.

पार्किंग शुल्क में अचानक बढ़ोतरी

पार्किंग शुल्क में इस अचानक बढ़ोतरी के चलते शुक्रवार को मेरठ साउथ स्टेशन पर कई यात्रियों ने नाराजगी जताई. लोगों का कहना है कि वे जाम और ट्रैफिक की भीड़ से बचने के लिए रैपिड रेल का रुख कर रहे थे, लेकिन पार्किंग के महंगे दामों ने उनकी योजना प्रभावित कर दी. कई यात्रियों ने अधिकारियों से यह सवाल भी किया कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का दावा करते हुए, स्टेशन पर पार्किंग दरों में इतनी वृद्धि क्यों की जा रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह का कदम जारी रहा तो आम नागरिकों का सार्वजनिक परिवहन की ओर रुझान कम हो सकता है. वहीं प्रशासन का कहना है कि यह शुल्क बढ़ोतरी सुविधाओं, सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक थी. फिर भी यात्रियों का कहना है कि जब तक रैपिड ट्रेन और मेट्रो का संचालन पूरी तरह शुरू नहीं होता, तब तक इस तरह के उच्च पार्किंग शुल्क और समय सीमा में कटौती उन्हें परेशान करती रहेगी.

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