सेंट पीटर्सबर्ग| रूस में पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अकेले में हुई मुलाकात और उसके बाद द्विपक्षीय बातचीत ने रिश्तों में घुल रहे तनाव को काफी हद तक खत्म कर दिया है.  पाकिस्तान और रूस की बढ़ रही दोस्ती को लेकर भारत की चिंताओं को भी पुतिन ने खारिज किया है. राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के साथ संबंध फीका नहीं पड़ने की बात पर जोर देते हुए कहा-“हमारा पाकिस्तान के साथ कोई घनिष्ठ (सैन्य) संबंध नहीं है. हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि पाकिस्तान के साथ हमारे संबंध का भारत और रूस के बीच व्यापार पर कोई असर नहीं होगा.” Also Read - Russia: गर्लफ्रेंड के कहने पर राष्ट्रपति पुतिन दे सकते हैं इस्तीफा, इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे

मोदी और पुतिन के बीच आज यहां हुई व्यापक वार्ता में ये निर्णय लिये गए. बातचीत में आतंकवाद पर और व्यापार तथा निवेश बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. वार्ता के बाद पुतिन के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत और रूस के संबंध परस्पर प्रेम, सम्मान और मजबूत विश्वास पर आधारित और अडिग हैं. उन्होंने कहा, ‘संस्कृति से सुरक्षा तक हमारे संबंध अटूट रहे हैं. हम एक भाषा में बोलते हैं.’ मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया जिसके लिए कार्ययोजना तैयार की गयी है. Also Read - चीन से विवाद के बीच, बंगाल की खाड़ी में भारत और रूस करेंगे नौसैनिक अभ्यास

भारत को मिले रूस से ये तोहफे Also Read - भारत सरकार ने मांगी ट्विटर से 474 अकाउंट की जानकारी, 500 से ज्यादा अकाउंट को समाप्त करने का भी किया अनुरोध 

-कुडनकुलम परमाणु संयंत्र में दो और यूनिट लगेगी.

-इसी साल तीनों सेनाओं का “इंद्रा-2017” बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास.

-नागपुर-सिकंदराबाद हाई स्पीड रेलवे लिंक का समझौता.

-भारत को बहुमूल्य रत्नों और ज्वेलरी का निर्यात.

-उड्डयन क्षेत्र में भारत को महाशक्ति बनाने में मदद करने का समझौता.

मोदी-पुतिन वार्ता के बाद जारी दृष्टिपत्र से 

ऊर्जा संबंधों पर
‘हम कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई पांच और छह के लिए जनरल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट और क्रेडिट प्रोटोकॉल को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत करते हैं. हम अपने बीच एक ऊर्जा सेतु के निर्माण के लिए काम करेंगे और ऊर्जा सहयोग के सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार करेंगे, जिनमें परमाणु, हाइड्रोकार्बन, जलविद्युत और अक्षय ऊर्जा के स्रोत शामिल हैं.’

आतंकवाद पर
‘आतंकवाद के सभी प्रारूपों की हम कड़ी निंदा करते हैं और इस बात पर जोर देते हैं कि आतंकवाद को किसी भी तरीके से उचित नहीं ठहराया जा सकता, चाहे वह वैचारिक, धार्मिक, राजनीतिक, जातीय या किसी अन्य कारण से हो.’

आतंकियों के आवागमन पर
सभी देशों से अपील है कि आतंकवादियों के सीमा पार आवागमन पर रोक लगाएं. आतंकवाद के खतरे से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बिना दोहरा मानदंड अपनाए और चुनिंदा तरीके से काम किए बगैर सामूहिक रूप से निणार्यक लड़ाई लड़नी होगी.

जलवायु परिवर्तन पर
ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन घटाने में प्राकृतिक गैस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल बहुत महत्वपूर्ण है और इससे जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के प्रावधानों का पालन करने में मदद भी मिलेगी.

उड्डयन क्षेत्र में 
भारत और रूस विनिर्माण क्षेत्र में संयुक्त उपक्रमों की स्थापना कर उड्डयन क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर सहमत हुए. भारत 2020 तक तीसरा सबसे बड़ा वैश्विक उड्डयन बाजार बनने की ओर अग्रसर है.