भारत सरकार ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा Hydroxychloroquine का वह पड़ोसी देशों और जो देश इस महामारी से बुरी तरह प्रभावित हैं, उनको निर्यात जारी रखेगा. सरकार की ओर ये फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर भारत Hydroxychloroquine के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को नहीं हटाता है तो उनका देश भी जवाबी कार्रवाई करेगा. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

विदेश मंत्रालय के प्रवक्त अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत सरकार इन जरूरी दवाइयों की आपूर्ति उन देशों को भी कर रही है जो इस महामारी से बुरी तरह प्रभावित हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम इस बारे में किसी भी कयास या राजनीति को खारिज करते हैं. Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

प्रवक्ता ने कहा कि सरकार पड़ोसी देशों को hydroxychloroquine और paracetamol की आपूर्ति पहले से कर रही है. ये देश अपनी जरूरतों के लिए हमारे ऊपर निर्भर हैं. प्रवक्ता ने आगे कहा कि भारत हमेशा से इस चीज का पालन करता रहा है कि ऐसी महामारी की स्थिति में दुनिया के देशों को एकजुटता दिखानी चाहिए. Also Read - दिल्‍ली एम्स में अभी तक 195 स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, 2 की जान गई

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Hydroxychloroquine दवा को लेकर भारत को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि उनके अनुरोध करने बाद भी अगर भारत यह दवा अमेरिका को नहीं देता है तो उनकी सरकार जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी. ज्ञात हो कि Hydroxychloroquine एक एंटी मलेरिया ड्रग है, लेकिन दुनिया के कई विशेषज्ञ इसे Covid-19 संक्रमण के इलाज में कारगर मान रहे हैं. भारत Hydroxychloroquine का एक बड़ा उत्पादक है.

इस संदर्भ में डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह सीधे पीएम नरेंद्र मोदी से फोन पर बातकर इस दवा के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को खत्म करने का अनुरोध किया था. सोमवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कांफ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध बहुत अच्छे हैं और अगर भारत उनके अनुरोध को ठुकराता हो तो उन्हें आश्चर्य होगा. एक सवाल के जवाब में ट्रंप मे स्पष्ट तौर पर कहा कि भारत, अमेरिका की लचीली व्यापार नीति का बहुत फायदा उठाता है. उन्हें उम्मीद है भारत उनके अनुरोध को नहीं ठुकराएगा. लेकिन भारत उनके इस अनुरोध को ठुकराता भी है तो निश्चित तौर पर इसको लेकर कुछ प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई हो सकती है.

अमेरिका में कोरना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. वहां अब तक 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 3.6 लाख लोग संक्रमित हैं. पिछले सप्ताह भारत ने Hydroxychloroquine के निर्यात पर रोक लगा दी थी.