Nepal, Bangladesh, covid-19 vaccine, Dhaka, covid-19, Kathmandu,  india,  भारत ने सहायता अनुदान एवं पड़ोस प्रथम नीति के तहत पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति के तहत आज दूसरे दिन गुरुवार को नेपाल और बांग्‍लादेश के लिए covid-19 vaccine रवाना की हैं. इसमें भारत ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड टीके के 10 लाख डोज नेपाल की राजधानी काठमांडू और बांग्‍लादेश की राजधानी ढाका को 20 लाख डोज रवाना किए हैं. Also Read - भारत में COVID-19 संक्रमण में तेजी, 29 जनवरी के बाद आए कोरोना के 17 हजार से ज्‍यादा नए केस

भारत ने अनुदान सहायता के तहत नेपाल को कोविड-19 टीके की 10 लाख और बांग्‍लादेश को 20 लाख डोज रवाना किए हैं. Also Read - EPFO Subscribers की Income पर लग सकता है बट्टा, सेंट्रल बोर्ड की बैठक में ब्याज दरों में कटौती पर फैसला संभव

गुरुवार को सुबह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन की खेप मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची, जहां से 10 लाख डोज काठमांडू भेजे गए और ढाका के लिए 20 लाख डोज रवाना किए गए. Also Read - WATCH: पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल वॉन ने मोटेरा की पिच को लेकर कसा तंज; पोस्ट की 'पिच रिपोर्ट'

नेपाल के स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मामलों के मंत्री ने हृदयेश त्रिपाठी इस बारे में जानकारी देते हुए बताया और भारत का शुक्रिया अदा किया और उम्मीद जताई थी कि आने वाले दिनों में नेपाल की जरूरत के मुताबिक और टीकों की खरीद में भी उसे पड़ोसी देश से मदद मिलेगी. मंत्री के मुताबिक पहले चरण में टीका कोरोना वायरस के खिलाफ अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों, कर्मचारियों व सुरक्षाकर्मियों को लगाया जाएगा. नेपाल ने पिछले हफ्ते सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड टीके के इस्तेमाल को लेकर सशर्त इजाजत दे दी थी.

बता दें कि नेपाल में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 2,68, 310 है जबकि यहां 1975 लोग महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं.

बता दें कि बुधवार को भारत ने सहायता अनुदान एवं पड़ोस प्रथम नीति के तहत पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति बुधवार को शुरू की थी और इस क्रम में कल भूटान और मालदीव को टीके की खेप पहुंचाई गई थी. भारत की “पड़ोसी प्रथम” नीति के तहत अनुदान सहायता के तौर पर कोविड-19 टीका प्राप्त करने वाले भूटान और मालदीव पहले राष्ट्र बने. सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड टीके की 1,50,000 खुराक भूटान को भेजी गई जबकि 1,00,000 खुराक मालदीव को भेजी गई थी.

भारत ने मंगलवार को कहा था कि वह भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यामां और सेशल्स को बुधवार से अनुदान सहायता के तौर पर कोविड-19 के टीके भेजेगा, जबकि श्रीलंका, अफगानिस्तान और मॉरीशस के लिये जरूरी नियामक मंजूरी मिलने के बाद आपूर्ति शुरू की जाएगी.