Syed Ali Geelani

नई दिल्ली: हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी नेता सैयद अली गिलानी ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता के जरिए कश्मीर मसले का हल निकालने के लिए भारत को हुर्रियत द्वारा रखी गई पांचों शर्ते मान लेनी चाहिए, जिसमें सुरक्षा बलों की वापसी का शर्त भी है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित पाकिस्तान दिवस समारोह में हिस्सा लेने से पहले गिलानी ने पत्रकारों से कहा कि दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन उनका कोई नतीजा नहीं निकला।

पाकिस्तान दिवस समारोह में अलगाववादी नेताओं के साथ केंद्रीय मंत्री वी के सिंह भी हुए शामिल

उन्होंने कहा कि उनके दल ने 2010 में कहा था कि भारत सरकार को पांचों शर्ते मान लेनी चाहिए, जिसमें कश्मीर को विवादित क्षेत्र स्वीकार करना, सुरक्षा बलों एवं ‘काले कानूनों’ को हटाना, 2010 में कश्मीर में 128 लोगों की हत्या के दोषियों को सजा और राजनीतिक बंदियों की रिहाई की शर्ते शामिल हैं।

गिलानी ने कहा, “जब तक ये पांचों मांगें पूरी नहीं होतीं, बातचीत का कोई फायदा नहीं है।”

उन्होंने कहा कि भारत ने सुरक्षा बलों के वापस हटाने और राज्य के नागरिकों को स्वाधीनता का अधिकार देने का वादा किया है।

पिछले सप्ताह कठुआ और सांबा में हुए आतंकवादी हमलों के बारे में पूछे जाने पर गिलानी ने कहा, “जहां कहीं भी मासूमों की हत्या होती है, हम उसकी निंदा करते हैं।”