India Russian Oil Import: चोटी के अर्थशास्त्री ने कहा- भारत करे विचार रूसी तेल या अमेरिका से रिश्ते क्या ज्यादा जरूरी

भारत को सोचना चाहिए कि क्या उसके लिए रूस से तेल आयात करना ज्यादा जरूरी है या अमेरिका से व्यापार.

Published date india.com Published: August 12, 2025 8:44 PM IST
India Russian Oil Import: चोटी के अर्थशास्त्री ने कहा- भारत करे विचार रूसी तेल या अमेरिका से रिश्ते क्या ज्यादा जरूरी

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में तनाव जारी है. ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया है. और जल्द ही यह 50 फीसदी हो जाएगा. अमेरिका का कहना है कि भारत जो रूस के कच्चा तेल खरीद रहा है, उसी की वजह से वह भारत पर यह टैरिफ लगा रहा है. हालांकि कई जानकारों का कहना है कि बात इससे काफी अलग है. अमेरिका के भारत पर टैरिफ लगाने के इस पूरे मामले पर अब नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने अपनी राय रखी है. उनका कहना है कि भारत को अब यह विचार करना चाहिए कि क्या टैरिफ लगने के बाद भी रूस से सस्ता तेल खरीदना फायदे का सौदा है.

बनर्जी ने कहा कि अमेरिका ने भारत पर जब 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ जो लगाया है उसके बाद यह वक्त आ गया है कि भारत रूस से तेल खरीदने के अपने फैसले के बारे में सोचे. बनर्जी ने कहा, हमें सोचना चाहिए कि रूसी तेल खरीदना क्या वाकई हमारे हित में है या नहीं. उन्होंने कहा कि क्या अगर हमें रूस से तेल खरीदना बंद करें तो अमेरिका हम पर से बैन हटा देगा. बनर्जी ने कहा कि ट्रंप ने जो फैसला लिया है उससे भारत के 27 अरब डॉलर के सामान पर असर पड़ने का खतरा है. उनका कहना है कि इससे भारतीय सामान प्रतिस्पर्धी नहीं रहेगा.

अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता अभी नहीं हुआ है. असल में अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है. अमेरिका का कहना है कि भारत को अपना डेयरी और कृषि बाजार अमेरिका के लिए खोलना चाहिए. और भारत इसके लिए राजी नहीं है.

भारत रूस से कच्चा तेल आयात करने वाले सबसे बड़े देशों में है. बनर्जी ने इसके साथ ही यह भी कहा कि भारत को चीन के साथ व्यापार वार्ता पर भी चर्चा करनी चाहिए. चीन के निवेश पर लगी पाबंदियों के सवाल पर बनर्जी ने कहा, इसे चीन के साथ व्यापार वार्ता का हिस्सा बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि चीन को भी अमेरिका के साथ रिश्तों पर बैलंस बनाने की जरूरत है. 2020 के गलवान विवाद के बाद भारत ने चीन और अन्य पड़ोसी देशों के निवेश पर कड़ी पाबंदी लगाई थी.

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने कुल 24.5 करोड़ टन कच्चे तेल का आयात किया था. इसमें से कुल 8.8 करोड़ टन रूस तेल रूस से आया था. ट्रंप ने भारत पर 7 अगस्त को टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था. हालांकि अगस्त और सितंबर के लिए ऑर्डर दिए जा चुके हैं.

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बनर्जी ने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था के हालात उम्मीद जितने अच्छे नहीं हैं. मध्यमवर्ग परेशानह है और IT सेक्टर में सैलरी नहीं बढ़ रही है. निजी कंपनियां ज्यादा निवेश भी नहीं कर रहीं.

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