चीन की ओर से पैंगोंग लेक पर पुल के अवैध निर्माण पर भारत ने जताया कड़ा विरोध

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पैंगोंग झील के चीनी किनारे पर पड़ोसी देश द्वारा बनाए जा रहे एक पुल के बारे में सामने आई रिपोर्ट पर कहा, सरकार इस गतिविधि की बारीकी से निगरानी कर रही है. इस पुल का निर्माण उन क्षेत्रों में किया जा रहा है, जो लगभग 60 वर्ष से चीन के अवैध कब्जे में हैं. भारत ने कभी भी इस तरह के अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया है

Published: January 6, 2022 8:30 PM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Laxmi Narayan Tiwari

India, China, Pangong Lake, Ministry of External Affairs, LAC, PLA, India-China border, MEA, Eastern Ladakh,
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन द्वारा पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील क्षेत्र में पुल उस इलाके में बनाया जा रहा है जो लगभग 60 वर्ष से चीन के अवैध कब्जे में हैं और ऐसी कार्रवाई को कभी स्वीकार नहीं किया गया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में चीन द्वारा अरूणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों का पुन: नामकरण किए जाने के कदम की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें करने के बजाए चीन को पूर्वी लद्दाख में संघर्ष वाले क्षेत्रों से जुड़े लंबित मामलों को सुलझाने के लिये भारत के साथ रचनात्मक रूप से काम करना चाहिए. उन्होंने ऐसे कदमों को पुष्टि नहीं करने योग्य क्षेत्रीय दावों के समर्थन की ‘हास्यास्पद कवायद’ बताया.

Also Read:

पैंगोंग झील क्षेत्र में पुल निर्माण के बारे में बागची ने कहा कि सरकार इस गतिविधि (चीन की) पर करीब से नजर रख रही है. उन्होंने कहा, ”पुल उन क्षेत्रों में बनाया जा रहा है, जो लगभग 60 वर्ष से चीन के अवैध कब्जे में हैं. आपको मालूम है कि भारत ने इस तरह के अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया.”

सरकार ने पिछले 7 साल में सीमावर्ती बुनियादी ढांचे का विकास किया, अधिक सड़कों एवं पुलों का निर्माण पूरा किया

प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपने सुरक्षा हितों को सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है. उन्होंने कहा, ”हमारे सुरक्षा हितों का पूरी तरह संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है. इन प्रयासों के तहत सरकार ने पिछले सात वर्ष के दौरान सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है इसके साथ ही पहले से अधिक सड़कों एवं पुलों का निर्माण पूरा किया गया है. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय आबादी को बेहद जरूरी सम्पर्क सुविधा प्राप्त हुई हैं, साथ ही सशस्त्र बलों को साजो-सामान संबंधी सुविधा मिली है. सरकार इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है.

60 वर्ष से चीन के अवैध कब्जे को भारत ने कभी भी इस तरह के अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया

भारत ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन के पुल बनाने की खबरों पर संज्ञान लेते हुए कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि भारत सरकार पूरी स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है. इस पुल का निर्माण उन क्षेत्रों में किया जा रहा है, जो लगभग 60 वर्ष से चीन के अवैध कब्जे में हैं. जैसा कि आप अच्छी तरह से जानते हैं, भारत ने कभी भी इस तरह के अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया है.

सरकार पूरी स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है

भारत ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन द्वारा पुल बनाए जाने की खबरों पर गुरुवार को कहा कि सरकार इस गतिविधि पर करीब से नजर रख रही है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को चीन द्वारा पैंगोंग झील पर एक पुल के अवैध निर्माण पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है.

पुल का निर्माण उन क्षेत्रों में किया जा रहा है, जो लगभग 60 वर्ष से चीन के अवैध कब्जे में हैं

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पैंगोंग झील के चीनी किनारे पर पड़ोसी देश द्वारा बनाए जा रहे एक पुल के बारे में सामने आई रिपोर्ट पर बात करते हुए कहा, सरकार इस गतिविधि की बारीकी से निगरानी कर रही है. इस पुल का निर्माण उन क्षेत्रों में किया जा रहा है, जो लगभग 60 वर्ष से चीन के अवैध कब्जे में हैं. जैसा कि आप अच्छी तरह से जानते हैं, भारत ने कभी भी इस तरह के अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया है.

चीन पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों को जोड़ने वाले पुल का निर्माण दो महीने से कर रहा

बागची ने कहा हमारे सुरक्षा हितों की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के तहत सरकार ने पिछले सात वर्षों के दौरान सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है और पहले से कहीं अधिक सड़कों और पुलों को पूरा किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, इनसे स्थानीय आबादी के साथ-साथ सशस्त्र बलों को बहुत आवश्यक कनेक्टिविटी प्रदान की गई है. सरकार इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है. यह पाया गया है कि चीन पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों को जोड़ने वाले पुल का निर्माण कार्य कम से कम दो महीने से कर रहा है.

भारत ने अगस्त 2020 में दक्षिणी तट पर कैलाश रेंज पर प्रमुख ऊंचाइयों पर अपना कब्जा कर लिया था

पुल चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को दोनों साइड त्वरित पहुंच प्राप्त करने में सहायक होगा. भारत ने अगस्त 2020 में दक्षिणी तट पर कैलाश रेंज पर प्रमुख ऊंचाइयों पर अपना कब्जा कर लिया था, जिससे हमारे सैनिकों को एक रणनीतिक लाभ मिला था. हालांकि, पिछले साल फरवरी में पैंगोंग में सैनिकों के पीछे हटने के साथ ही भारत तनाव को कम करने के लिए आपसी पुलबैक योजना के हिस्से के तौर पर उन ऊंचाइयों से पीछे हट गया. इसके अलावा, चीन ने 1 जनवरी को अपना नया सीमा कानून लागू किया, जो अपनी सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और गांवों और सीमाओं के पास बुनियादी ढांचे के विकास का आह्वान करता है. कानून के लागू होने से ठीक पहले चीन ने अपने नक्शे में अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों के नाम बदल दिए. भारत और चीन के बीच करीब दो साल से सीमा विवाद अपने चरम पर है.

भारत ने चीनी दूतावास द्वारा सांसदों को पत्र लिखे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की

नई दिल्ली: तिब्बत के निर्वासन में संसद की मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले भारतीय सांसदों को चीनी दूतावास द्वारा पत्र लिखे जाने के करीब एक सप्ताह बाद भारत ने बृहस्पतिवार को पड़ोसी देश के मिशन से सांसदों की सामान्य गतिविधियों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने से परहेज करने को कहा. चीनी दूतावास ने तिब्बत के लिए अखिल भारतीय संसदीय मंच से संबंधित कुछ सांसदों को लिखे पत्र में समारोह में उनकी उपस्थिति पर चिंता व्यक्त की थी और उनसे तिब्बत के संबंध में समर्थन नहीं देने को कहा था.

चीनी पक्ष को ध्यान देना चाहिए कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, हमने चीनी दूतावास के काउंसलर की ओर से समारोह में हिस्सा लेने के संबंध मे सम्मानित सांसदों को लिखे गए पत्र से संबंधित खबरों को देखा है. उन्होंने कहा, पत्र की सामग्री, मिजाज अनुपयुक्त है. चीनी पक्ष को ध्यान देना चाहिए कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है और सांसद अपने विचारों, विश्वासों के अनुसार गतिविधियां करते हैं. प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि चीनी पक्ष सांसदों की सामान्य गतिविधियों पर बढ़ा चढ़ा कर पेश करने से परहेज करेगा और हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और जटिल बनाने से बचेगा.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें देश की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

Published Date: January 6, 2022 8:30 PM IST