बालासोर (ओडिशा): भारत ने सोमवार को ओडिशा तट के पास एक परीक्षण स्थल से सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित प्रतिक्रिया मिसाइल (क्यूआरएसएएम) प्रणाली का सफल परीक्षण किया, जिसके 2021 तक सशस्त्र बलों के आयुध भंडार में शामिल होने की संभावना है.Also Read - NABARD: नाबार्ड ने ओडिशा में 35 पुलों के निर्माण के लिए 356 करोड़ रुपये मंजूर किए

रक्षा विभाग के एक बयान में कहा कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित इस मिसाइल का परीक्षण पूर्वाह्न 11:45 बजे चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) से किया गया. Also Read - भारत ने सतह से हवा में मार करने वाली नई पीढ़ी की आकाश मिसाइल का परीक्षण किया

Also Read - Akash Missile: DRDO ने जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल के नए संस्करण का सफल परीक्षण किया

बयान में कहा गया कि परीक्षण में क्यूआरएसएएम ने लक्ष्य को हवा में ही मार गिराया और मिशन उद्देश्य पूरे कर लिए गए.

इसमें कहा गया कि मिसाइल के दागे जाने और लक्ष्य को निशाना बनाने जैसी पूरी प्रक्रिया पर ग्राउंड टेलीमेट्री सिस्टम, रेंज रडार सिस्टम और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम द्वारा नजर रखी गई. परीक्षण के दौरान महानिदेशक (मिसाइल एवं रणनीतिक प्रणाली), एमएसआर प्रसाद मौजूद थे.

बयान के मुताबिक, इस मिशन के साथ ही संबंधित अस्त्र प्रणाली के विकासात्मक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे हो गए हैं और इसके 2021 तक सशस्त्र बलों के आयुध भंडार में शामिल होने के लिए तैयार हो जाने की उम्मीद है.