भारत ने शुक्रवार को त्वरित प्रतिक्रिया वाली सतह से हवा में प्रहार करने वाली मिसाइल (क्यूआरएसएएम) प्रणाली का सफल परीक्षण किया. मिसाइल को परीक्षण के लिए ओडिशा के एक प्रक्षेपण स्थल से प्रक्षेपित किया गया और इसने मध्यम रेंज और मध्य ऊंचाई पर पायलट रहित विमान (पीटीए) को मार गिराया. रक्षा सूत्रों ने बताया कि अत्याधुनिक मिसाइल को यहां पास में स्थित चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज से दोपहर तीन बजकर करीब 50 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया था.Also Read - ससुराल वालों ने तांत्र‍िक के हवाले की बहू, बंद कमरें में 79 दिन तक होता रहा रेप

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एक बयान में बताया गया है कि प्रणाली लक्ष्य का पता लगने और उस पर नज़र रखने एवं ध्वस्त करने में सक्षम है. इस प्रणाली को भारतीय सेना की हमलावर टुकड़ी को हवाई रक्षा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसे एक स्तरीय ठोस प्रणोदक रॉकेट मोटर से दागा गया. उन्नत मिसाइल में सभी स्वदेशी उप प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया है. Also Read - Odisha: पुलिस ने पत्रकार को पीटा, अस्‍पताल में लिटाकर पैर बंधा, DGP ने दिए जांच के आदेश, OHRC ने रिपोर्ट मांगी

इस मिसाइल को मोबाइल प्रक्षेपण का इस्तेमाल करके दागा जा सकता है. बयान में कहा गया है कि परीक्षण के लिए क्यूआरएसएएम हथियार प्रणाली के सभी तत्वों जैसे बैटरी, बहु कार्य रडार, बैटरी निगरानी रडार, बैटरी कमान पोस्ट यान और मोबाइल प्रक्षेपक को तैनात किया गया था.

बयान के मुताबिक, रडार ने दूर से ही ‘बंशी पीटीए’ लक्ष्य का पता लगा लिया और लक्ष्य के मारक सीमा में आने पर मिसाइल को दागा गया और इसने सीधे लक्ष्य पर प्रहार किया और उसे ध्वस्त कर दिया. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की अलग-अलग प्रयोगशालाओं जैसे डीआरडीएल, आरसीआई, एलआरडीई, आर एंड डी ई (ई), आईआरडीई और आईटीआर ने परीक्षण में भाग लिया. मिसाइल पूरी तरह से स्वदेशी है और इसमें सक्रिय आरएफ सीकर, ‘इलेक्ट्रो मैकेनिकल एक्चुएशन ‘ (ईएमए) प्रणाली लगी है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, डीडी आर एंड डी के सचिव और डीआरडीओ के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने इस उपलब्धि के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी.

(इनपुट: भाषा)