पाकिस्तान कितना भी गिड़गिड़ाए अब भारत नहीं बदलेगा अपना इरादा, पानी को लेकर केंद्र ने दिया दो-टूक जवाब

पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो द्वारा दिए गए 'खून और पानी' वाले बयान पर पाटिल ने कहा कि वह अक्सर ऐसे राजनीतिक बयान देते रहते हैं और भारत ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं है.

Published date india.com Published: June 26, 2025 11:16 PM IST
पाकिस्तान कितना भी गिड़गिड़ाए अब भारत नहीं बदलेगा अपना इरादा, पानी को लेकर केंद्र ने दिया दो-टूक जवाब

जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की बार-बार की अपीलों और चिट्ठियों से भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा. उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने के फैसले को भारत वापस नहीं लेगा, चाहे पाकिस्तान कितनी भी गुहार लगाए. पानी कहीं जा नहीं रहा है, लेकिन हमारा फैसला भी नहीं बदलने वाला…पाटिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा. भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद 1960 की इस ऐतिहासिक संधि को सस्पेंड कर दिया था.

बिलावल भुट्टो की धमकियों पर भारत का करारा जवाब

पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो द्वारा दिए गए ‘खून और पानी’ वाले बयान पर पाटिल ने कहा कि वह अक्सर ऐसे राजनीतिक बयान देते रहते हैं और भारत ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं है. बिलावल ने संसद में यह तक कहा कि अगर भारत ने सिंधु जल संधि से पीछे हटने की कोशिश की, तो पाकिस्तान को ‘युद्ध’ का रास्ता अपनाना पड़ेगा. हालांकि, उन्होंने साथ में यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान को आतंकवाद पर संवाद और समन्वय की जरूरत है, नहीं तो दोनों देशों में हिंसा और बढ़ेगी

भारत का जवाब संधि को किया सस्पेंड

भारत ने न केवल सिंधु जल संधि को निलंबित किया है, बल्कि पाकिस्तान से व्यापार भी रोक दिया है और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी शिविरों पर कार्रवाई भी की है. इस ऑपरेशन के बाद चार दिन तक सीमा पर झड़पें होती रहीं, जो 10 मई को खत्म हुईं. इस बीच, भारत ने विश्व बैंक के न्यूट्रल एक्सपर्ट मिशेल लीनो को पत्र लिखकर किशनगंगा और रैटल परियोजनाओं पर विवाद से जुड़ी प्रक्रियाओं को रोकने की भी मांग की है.

पाकिस्तान को भी समझना होगा बदलाव का वक्त

इस पूरे घटनाक्रम में यह साफ हो गया है कि भारत अब रणनीतिक और जल नीति के मामलों में सख्त रुख अपनाने को तैयार है. पाकिस्तान की बयानबाज़ी और बार-बार की अपीलों का भारत पर अब असर नहीं होता. जैसे बांग्लादेश ने हाल ही में भारत के खिलाफ किसी गठजोड़ से इनकार किया, वैसे ही पाकिस्तान को भी संवाद और सहयोग की दिशा में सोचना चाहिए. भारत अब अपने जल संसाधनों पर पूरी तरह से नियंत्रण चाहता है और यह कदम उसी दिशा में है.

(इनपुट-एजेंसी के साथ)

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