pranab in sweden

स्टॉकहोम/नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की स्वीडन यात्रा के दौरान भारत और स्वीडन के बीच छह समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें ध्रूवीय अनुसंधान और आपसी कारोबार बढ़ाने के समझौते शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मुखर्जी स्वीडन का दौरा करने वाले पहले भारतीय राष्ट्रपति हैं तथा स्वीडन और बेलारूस की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। यह भी पढ़े:मध्य प्रदेश : बहू को बेचने की कोशिश करने का आरोप

राष्ट्रपति की यह यात्रा 31 मई को शुरू हुई और दो जून तक वह स्वीडन में रहेंगे। इसके बाद दो से चार जून के बीच वह बेलारूस के दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, समझौतों में सतत नगर विकास के लिए समन्वय पर हुआ समझौता भी शामिल है, जिसके तहत दोनों देश इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे और इस क्षेत्र में अपने-अपने ज्ञान का आदान-प्रदान करेंगे।

सतत नगर विकास के लिए दोनों देश सांस्थानिक समन्वय के तहत क्षमता विकास, अनुसंधान एवं विकास, और वाणिज्यिक संबंध पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों ने अत्यंत छोटे, छोटे और मध्यम आकार के उद्यम में आपसी सहयोग के लिए भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। कूटनीतिक पासपोर्ट पर वीजा में ढील में दिए जाने से संबंधित एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और स्वीडिश रिसर्च काउंसिल फॉर हेल्थ वर्किं ग लाइफ एंड वेलफेयर (एफओआरटीई) के बीच आयु बढ़ने और स्वास्थ्य से संबंधित दोनों संस्थानों में होने वाले अनुसंधान के क्षेत्र में समन्वय के लिए भी एक आशय समझौता हुआ।