नई दिल्ली। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने आज भारतीय सेना के लिए अमेरिका से छह अपाचे जंगी हेलीकॉप्टर खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इन छह अपाचे जंगी हेलीकॉप्टरों की खरीद पर कुल 4,168 करोड़ का खर्च आएगा. भारत इस एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर के साथ अमेरिका से संबद्ध उपकरण, स्पेयर पार्ट्स, प्रशिक्षण और गोला-बारूद भी लेगा. Also Read - Cryptocurrency Down News: Bitcoin सहित कई क्रिप्टो करेंसी हुईं धड़ाम, क्रिप्टो की दुनिया में क्यों मच गई हलचल? जानिए

डीएसी ने इसके अलावा यूक्रेन से दो गैस टर्बाइन सेट भी खरीदने को मंजूरी दे दी. ये गैस टर्बाइन सेट रूस में भारत के लिए तैयार किए जा रहे दो ग्रिगोरोविच पोतों के लिए खरीदे जाएंगे. इन गैस टर्बाइन सेट की कीमत 490 करोड़ रुपये होगी. देश के सुरक्षा तंत्र को और मजबूती देते हुए आज सरकार ने ये अहम फैसला लिया. Also Read - तालिबान का Pakistan Cricket Board को ऑफर, ODI सीरीज की मेजबानी को तैयार

भारतीय सेना को अपाचे हेलीकॉप्टर मिलने से बड़ी मजबूती मिलेगी. सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील पंजाब के पठानकोट एयरबेस और असम के जोरहट में अपाचे को तैनात किए जाने की योजना है. Also Read - रक्षा मंत्रालय और स्‍पेन की एयरबस डिफेंस के बीच 56 सी-295 विमानों की खरीदी की डील पर हुए साइन, टाटा ग्रुप 40 विमान बनाएगा

2015 में रक्षा मंत्रालय ने 2.2 अरब डॉलर के सौदे को मंजूरी दी थी, जिसके तहत अमेरिका से 22 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदे जाने हैं. वायु सेना के बेड़े में अपाचे के शामिल होने से पाकिस्तान और चीन से मिल रही चुनौती से निपटा जा सकेगा.

अपाचे की खासियतें

अपाचे हेलीकॉप्टर बिजली की गति से कहीं भी और किसी भी मौसम में हमला करने में सक्षम है. अपाचे हेलीकाप्टर बेहद कम उंचाई पर उड़कर हवाई हमले के साथ ही जमीनी हमले करने में भी सक्षम है. इसमें आधुनिक मिसाइल से लेकर कई खतरनाक बम ले जाने की क्षमता है. इस हेलीकॉप्टर के आने के बाद भारत कई बड़े ऑपरेशन को बड़ी आसानी से कर सकता है. अपाचे हेलीकॉप्टर में एजीएम-114 हेलीफायर मिसाइल लगे हैं, तो हाइड्रा 70 रॉकेट पॉड्स भी लगे हैं. अपाचे की खासियत है कि एक बार में ये कई ठिकानों को विध्वंस कर सकता है.