नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण का संभावित इलाज विकसित करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा विभिन्न देशों के ‘साझा परीक्षण’ (सॉलिडेरिटी ट्रायल) में भारत भी भाग लेगा. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने शुक्रवार को बताया कि डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस के संक्रमण का इलाज और दवा विकसित करने के लिये वैश्विक स्तर पर ‘सॉलिडेरिटी ट्रायल’ की पहल की है. इसमें कोरोना के संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों पर विभिन्न देशों में परीक्षण किया जायेगा. भारत भी इस प्रक्रिया में भागीदारी करेगा. Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित


उल्लेखनीय है कि भारत में कोरेाना के मरीजों की संख्या 2547 हो गई है, जबकि इससे अब तक देश में 62 लोगों की मौत भी हुई है. भारत में परीक्षण की प्रक्रिया आईसीएमआर के पुणे स्थित राष्ट्रीय एड्स शोध संस्थान की वैज्ञानिक डा शीला गोडबोले की देखरेख में की जायेगी. इससे पहले आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया था कि भारत ने कुछ समय पहले देश में कोरोना के मरीजों की संख्या बहुत कम होने के कारण इस परीक्षण में भागीदारी करने से इंकार कर दिया था.

उल्लेखनीय है कि आईसीएमआर जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर कोरोना के टीके एवं इसके परीक्षण की किट को भी विकसित करने के लिये प्रयासरत है.